Lohri Celebration in Mainpuri: पंजाबी कॉलोनी में भाईचारे और परंपरा का उत्सव, खिले लोगों के चेहरे

शहर के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी में परंपरागत पर्व लोहड़ी को इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। सर्दी की ठिठुरन के बीच कॉलोनीवासियों ने सामूहिक रूप से अलाव जलाकर न सिर्फ लोहड़ी की पूजा की, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी संदेश दिया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 January 2026, 1:23 PM IST

Mainpuri: शहर के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी में परंपरागत पर्व लोहड़ी को इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। सर्दी की ठिठुरन के बीच कॉलोनीवासियों ने सामूहिक रूप से अलाव जलाकर न सिर्फ लोहड़ी की पूजा की, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी संदेश दिया। पर्व के अवसर पर पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

सामूहिक अलाव और विधि-विधान से पूजा

लोहड़ी पर्व के शुभ अवसर पर कॉलोनी के लोगों ने एकत्र होकर सामूहिक अलाव जलाया। परंपरा के अनुसार अलाव के चारों ओर मूंगफली, रेवड़ी, गजक और तिल के लड्डू अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार की खुशहाली की कामना की। बुजुर्गों ने बच्चों को लोहड़ी पर्व के महत्व और उससे जुड़ी परंपराओं के बारे में भी जानकारी दी।

Thailand Tragedy: थाईलैंड में बड़ा रेल हादसा, 22 लोगों की मौत, कई घायल; जानिये चलती ट्रेन कैसे गिरी क्रेन?

महिलाओं और बच्चों ने गाए पारंपरिक गीत

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक पंजाबी लोकगीत गाकर माहौल को और भी रंगीन बना दिया। ढोल की थाप और लोकगीतों की धुन पर बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और इस पर्व को सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

भाईचारे और समृद्धि का प्रतीक है लोहड़ी

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, मेल-जोल और नई फसल के स्वागत का प्रतीक है। यह पर्व समाज को जोड़ने का काम करता है और सभी को मिल-जुलकर खुशियां मनाने की प्रेरणा देता है। खासकर शहरी क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक परंपराएं जीवित रहती हैं।

Gorakhpur Crime News: हत्या के प्रयास के मामले में ठिकाने बदल रहा अभियुक्त गिरफ्तार

देर रात तक चला उत्सव का सिलसिला

लोहड़ी के आयोजन से पंजाबी कॉलोनी का माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। लोग देर रात तक अलाव के आसपास बैठकर गीत-संगीत और आपसी बातचीत में जुटे रहे। बच्चों के चेहरे पर खुशी और बुजुर्गों के अनुभवों ने इस आयोजन को खास बना दिया। कुल मिलाकर, लोहड़ी पर्व ने एक बार फिर से सामूहिकता और संस्कृति की सुंदर तस्वीर पेश की।

Location : 
  • Mainpuri

Published : 
  • 14 January 2026, 1:23 PM IST