बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित एचपीसीएल कम्पनी में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद साजिश की परतें खुलती जा रही हैं।

दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
Budaun: सनसनीखेज डबल मर्डर केस ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था लेकिन अब इस खौफनाक वारदात की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। थाना मूसाझाग क्षेत्र की एचपीसीएल कम्पनी में हुए इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में जो कहानी सामने आई है। वह दोस्ती, धोखे और साजिश से भरी हुई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेन्द्र यादव और मुनेन्द्र विक्रम सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इन दोनों ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया था।
जांच में सामने आया है कि धर्मेन्द्र यादव कम्पनी में बुलेरो गाड़ी चलाता था, जबकि मुनेन्द्र विक्रम सिंह गैस किट ऑपरेटर के पद पर तैनात था। दोनों की मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह से पुरानी दोस्ती थी। जिसका फायदा उठाकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने पहले से ही पूरी योजना तैयार कर रखी थी। चूंकि अजय प्रताप सिंह का कम्पनी में आना-जाना प्रतिबंधित था, इसलिए धर्मेन्द्र यादव ने उसे अपनी बुलेरो गाड़ी दे दी। वहीं, मुनेन्द्र विक्रम सिंह ने फैक्ट्री के गेट पर तैनात गार्ड को यह कहकर गेट खुलवा लिया कि गाड़ी में कम्पनी का ही स्टाफ मौजूद है। इसी चालाकी के जरिए आरोपी अंदर दाखिल हुए और वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मुख्य आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस केस में अभी और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। इलाके में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है।