Gorakhpur News: तीन तलाक पीड़िता चार दिन से तीन मासूमों संग थाने के चक्कर काटने को मजबूर, पुलिस पर उठे सवाल

तीन तलाक को प्रतिबंधित कर सख्त कानून बनाए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोला थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही संवेदनहीन मामला सामने आया है, जहां प्रतिबंधित तीन तलाक की शिकार एक महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ पिछले चार दिनों से थाने के चक्कर काट रही है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 21 January 2026, 6:52 PM IST

Gorakhpur: केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक को प्रतिबंधित कर सख्त कानून बनाए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोला थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही संवेदनहीन मामला सामने आया है, जहां प्रतिबंधित तीन तलाक की शिकार एक महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ पिछले चार दिनों से थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता नीलोफर खान पत्नी अफजल खान, निवासी कोहड़ी बुजुर्ग, ने थानाध्यक्ष को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका निकाह 17 दिसंबर 2012 को मुस्लिम रीति-रिवाज से अफजल खान पुत्र स्व. अब्दुल समद खान के साथ हुआ था। दांपत्य जीवन से उसके तीन बच्चे हैं—13 वर्षीय हस्सान खान, 11 वर्षीय अलीना खान और मात्र 3 वर्षीय आयजल खान।

नीलोफर का आरोप है कि उसके पति का अवैध संबंध रिश्ते में मामा की लड़की बताई जा रही विधवा महिला रूमाना शेख से हो गया, जिसके बाद उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक क्रूरता की जाने लगी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पति ने जबरन दवाएं खिलाकर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को नष्ट करा दिया, जिससे उसका गर्भपात हो गया। यह आरोप अत्यंत गंभीर है और सीधे-सीधे आपराधिक श्रेणी में आता है।

पीड़िता के अनुसार, 15 जनवरी को पति ने मौखिक रूप से तीन बार “तलाक-तलाक-तलाक” कहकर उसे प्रतिबंधित तीन तलाक दे दिया और बच्चों समेत घर से बाहर निकाल दिया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देते हुए घसीटकर बाहर कर दिया गया।

नीलोफर का कहना है कि अब वह अपने तीन मासूम बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर है। पिता के न होने के कारण मायके में भी कोई सहारा नहीं है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अवैध तीन तलाक, भ्रूण हत्या, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पीड़िता का आरोप है कि वह पिछले चार दिनों से गोला थाना के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं।
यह मामला न केवल तीन तलाक कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय दिलाने में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाता हैं।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 21 January 2026, 6:52 PM IST