फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता संगठन के चुनाव को लेकर माहौल गरमा गया है। अध्यक्ष और महामंत्री समेत कई पदों के लिए प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इस दौरान जोरदार जुलूस और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। प्रत्याशियों ने वकीलों के लिए भत्ते, सम्मान और सुविधाओं को लेकर कई बड़े वादे किए हैं।

कलेक्ट्रेट में गूंजा वकीलों का दम (Img: Dynamite News)
Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता संगठन के चुनाव को लेकर सोमवार को जबरदस्त हलचल देखने को मिली। आदर्श अधिवक्ता संगठन के विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों ने नामांकन प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थन में भारी भीड़ उमड़ी और कलेक्ट्रेट से लेकर दीवानी परिसर तक जोरदार जुलूस निकाला गया।
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रमेश सिंह भदौरिया, महामंत्री पद के प्रत्याशी धर्मेंद्र मिश्रा समेत कई अन्य पदों के उम्मीदवारों ने समर्थकों के साथ अधिवक्ताओं से जनसंपर्क किया। इस दौरान सभी प्रत्याशी बुजुर्ग अधिवक्ताओं के पास पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। पूरे परिसर में चुनावी माहौल साफ नजर आया, जहां हर तरफ नारेबाजी और समर्थन का उत्साह दिखा।
महामंत्री पद के प्रत्याशी धर्मेंद्र मिश्रा ने नामांकन के बाद अधिवक्ताओं के हित में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि जीतने के बाद हर अधिवक्ता को प्रति माह एक हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं के सम्मान और प्राथमिकता को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता जताई।
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धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा कि यदि किसी अधिवक्ता का कोई काम सरकारी कार्यालयों में लंबित होता है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने जिले में लगने वाले टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के लिए टोल फ्री की व्यवस्था कराने का भी वादा किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ पुलिस या प्रशासन द्वारा अभद्रता की जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चुनाव जीतने के बाद इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रमेश सिंह भदौरिया ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को उठाते हुए कई अहम वादे किए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के इलाज के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता जो बंद हो गई है, उसे फिर से शुरू कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिवक्ताओं के मान-सम्मान में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
रमेश भदौरिया ने कलेक्ट्रेट परिसर की साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जीतने के बाद परिसर में विशेष सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि अधिवक्ताओं को बेहतर माहौल मिल सके।
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नामांकन प्रक्रिया के साथ ही फतेहपुर में अधिवक्ता संगठन का चुनाव अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। अलग-अलग पदों के प्रत्याशी अपने-अपने वादों और रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुके हैं।अब सभी की नजर आगामी 11 अप्रैल पर टिकी है, जब चुनाव का परिणाम सामने आएगा। फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और अधिवक्ताओं के बीच यह मुकाबला काफी दिलचस्प होता जा रहा है।