Balrampur : फिरोज पप्पू हत्याकांड में बड़ा मोड़, पूरे जिले की निगाहें 7 मई पर टिकीं

बलरामपुर के चर्चित फिरोज पप्पू हत्याकांड में एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया टल गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट में अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और अब 7 मई को अगली तारीख तय की गई है। यह मामला राजनीतिक वर्चस्व और चुनावी रंजिश से जुड़ा बताया जाता है। जिसमें पूर्व सांसद रिजवान जहीर समेत कई आरोपी जेल में हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 May 2026, 12:21 PM IST

Balrampur : फिरोज पप्पू हत्याकांड एक बार फिर न्यायिक देरी की वजह से सुर्खियों में आ गया है। शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते कार्यवाही नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने अगली तारीख 7 मई तय कर दी है। जिससे पीड़ित पक्ष की उम्मीदों को झटका लगा है।

मामला क्या है

यह पूरा मामला 4 जनवरी 2022 की रात का है। जब तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की जरवा मार्ग पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे राजनीतिक वर्चस्व और विधानसभा चुनाव के टिकट की खींचतान मुख्य वजह थी।

गिरफ्तारी और जांच

मामले में पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच एजेंसियों ने इसे एक सुनियोजित साजिश मानते हुए विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।

कोर्ट में सुनवाई पर ब्रेक

शनिवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई बाधित रही और अदालत को अगली तारीख निर्धारित करनी पड़ी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय ने अब इस मामले की सुनवाई 7 मई को तय की है।

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7 मई की अहम सुनवाई

यह तारीख खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि इसी दिन मुख्य हत्याकांड के साथ गैंगस्टर एक्ट केस की भी सुनवाई होनी है। पूर्व सांसद रिजवान जहीर पर यह गैंगस्टर केस 21 जुलाई 2024 को तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर दर्ज हुआ था। इस केस ने उनकी कानूनी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है और अदालत में लगातार सुनवाई चल रही है।

राजनीतिक हलचल तेज

जैसे-जैसे केस आगे बढ़ रहा है। तुलसीपुर समेत पूरे जिले में इस पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है। आम जनता और राजनीतिक गलियारों में इस बहुचर्चित मामले के फैसले को लेकर लगातार नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें 7 मई की सुनवाई पर टिकी हैं। जहां कोर्ट में महत्वपूर्ण दलीलें और नए मोड़ सामने आ सकते हैं। इस मामले में लगातार हो रही देरी से जहां पीड़ित परिवार की बेचैनी बढ़ी हुई है, वहीं कानूनी प्रक्रिया की गति पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से अदालत में लगातार अपनी दलीलें पेश की जा रही हैं और कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जा रही है।

Location :  Balrampur

Published :  3 May 2026, 12:21 PM IST