बलरामपुर: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, देवीपाटन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मकर संक्रांति पर बलरामपुर के देवीपाटन शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सूर्य कुंड स्नान, खिचड़ी अर्पण और कड़ी सुरक्षा के बीच पर्व पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 15 January 2026, 11:21 PM IST

Balrampur: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच बलरामपुर के तुलसीपुर स्थित देवीपाटन शक्तिपीठ में मकर संक्रांति का पर्व आस्था और परंपरा के अनूठे रंग में नजर आया। तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर की ओर बढ़ने लगीं। ठिठुरती सुबह में भी भक्तों के चेहरे पर श्रद्धा और विश्वास साफ झलक रहा था। हर कोई माता पाटेश्वरी और गुरु गोरखनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करता दिखा।

सूर्य कुंड में स्नान

श्रद्धालुओं ने सबसे पहले ऐतिहासिक सूर्य कुंड में पवित्र स्नान किया। मान्यता है कि सूर्यपुत्र कर्ण ने इसी कुंड में स्नान कर भगवान भास्कर की आराधना की थी। मकर संक्रांति के दिन यहां स्नान करने से चर्म रोगों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर गर्भगृह में माता पाटेश्वरी के दर्शन किए और भगवान गुरु गोरखनाथ को दाल, चावल और तिल से बनी खिचड़ी अर्पित की।

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गोरखनाथ परंपरा से जुड़ा देवीपाटन

शक्तिपीठ के मुख्य पुजारी योगी याद नाथ ने बताया कि देवीपाटन मंदिर का सीधा संबंध गुरु गोरखनाथ पीठ गोरखपुर से है। जैसे ही गोरखपुर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा शुरू होती है। उसी समय देवीपाटन में भी विधिवत पूजा और अर्पण प्रारंभ हो जाता है। यही कारण है कि यहां मकर संक्रांति का विशेष महत्व है।

नेपाल से भी उमड़ी श्रद्धा

देवीपाटन शक्तिपीठ की ख्याति देश ही नहीं, विदेशों तक फैली है। पड़ोसी देश नेपाल से हजारों श्रद्धालु पैदल और निजी वाहनों से मंदिर पहुंचे। पुजारी ने बताया कि नेपाल के राजपरिवार से भी इस मंदिर का पुराना नाता रहा है। इसलिए बड़ी संख्या में नेपाली श्रद्धालु माता पाटेश्वरी को अपनी कुलदेवी मानकर दर्शन के लिए आते हैं।

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प्रशासन रहा अलर्ट

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। जगह-जगह स्वयंसेवकों ने खिचड़ी भोज का आयोजन किया। वहीं जरूरतमंदों को कंबल और अनाज का दान भी किया गया। पूरे परिसर में ‘जय गुरु गोरखनाथ’ और ‘जय माता दी’ के जयकारे गूंजते रहे।

Location : 
  • Balrampur

Published : 
  • 15 January 2026, 11:21 PM IST