सेना के जवान पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, अब कोर्ट का आया ये फैसला

आरोप है कि पांच साल पूर्व एक युवती ने कन्नौज जिले के निवासी सेना के जवान पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। युवती का कहना था कि आरोपी जवान ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 10 January 2026, 10:37 AM IST
Mainpuri: मैनपुरी जिले से एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है, जहां दुष्कर्म के आरोप से सेना के एक जवान को न्यायालय ने बरी कर दिया है। एफटीसी प्रथम न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी जवान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।
मामला मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि पांच साल पूर्व एक युवती ने कन्नौज जिले के निवासी सेना के जवान पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। युवती का कहना था कि आरोपी जवान ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया।
पीड़िता की ओर से 24 मई 2021 को किशनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी और विवेचक की गवाही कराई गई, लेकिन आरोपों को ठोस रूप से सिद्ध नहीं किया जा सका।
बचाव पक्ष की ओर से मामले में मजबूत पैरवी की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी चतुर सिंह ने अदालत के समक्ष तर्क रखते हुए कहा कि आरोपी को झूठे आरोपों में फंसाया गया है और प्रस्तुत साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
मामले की सुनवाई एफटीसी प्रथम न्यायालय में हुई, जहां न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्र ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों का अवलोकन करने के बाद सेना के जवान को संदेह का लाभ देते हुए दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद आरोपी जवान और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। वहीं, यह मामला एक बार फिर इस बात पर जोर देता है कि किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य न्यायिक प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी हैं।

Location : 
  • Mainpuri

Published : 
  • 10 January 2026, 10:37 AM IST