उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में शिक्षा की मशाल जला रहे एमएलके पीजी कॉलेज के नाम एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है।

ये 5 कैडेट हुए चयनित
Balrampur: एमएलके पीजी कॉलेज के एनसीसी कैडेटों ने एक बार फिर अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता का लोहा मनवाया है। महाविद्यालय के पांच कैडेटों का चयन कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से केंद्रीय सशस्त्र बलों में कांस्टेबल पदों पर हुआ है। इस सफलता से पूरे महाविद्यालय परिवार और जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
NCC कैडेटों की देशभक्ति और मेहनत रंग लाई
चयनित कैडेटों में वर्ष 2023 के 'सी' सर्टिफिकेट प्राप्त बसंत लाल यादव का चयन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में हुआ है। वर्ष 2024 के कैडेट अजय कुमार मिश्र और 2020 बैच के अभिषेक उपाध्याय का चयन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में हुआ है। वहीं 2022 बैच के आलोक कुमार तिवारी सशस्त्र सीमा बल (BSF) और 2025 बैच की महिला कैडेट रूबी वर्मा भारतीय नौसेना (Indian Navy) का हिस्सा बनेंगी।
प्राचार्य और NCC अधिकारी की बधाई
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी के माध्यम से छात्रों में अनुशासन और देशभक्ति का बीज बोया जाता है, और यही उनके चयन का मुख्य कारण है। एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. देवेन्द्र कुमार चौहान ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी महाविद्यालय के 13 कैडेटों का चयन विभिन्न रक्षा सेवाओं में हुआ था। उन्होंने कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर में भी छात्रों को बढ़त दिलाता है।
देश सेवा की प्रेरणा
इस उपलब्धि ने अन्य छात्रों के भीतर भी देश सेवा और कठिन परिश्रम के प्रति नया जोश भर दिया है। छात्र इस सफलता को देखकर प्रेरित हो रहे हैं और महाविद्यालय में एनसीसी प्रशिक्षण में बढ़ती दिलचस्पी देखी जा रही है।
NCC प्रशिक्षण का महत्व
लेफ्टिनेंट डॉ. चौहान ने बताया कि NCC का प्रशिक्षण अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व कौशल को मजबूत करता है। यह न केवल रक्षा सेवाओं के लिए छात्रों को तैयार करता है, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी सिखाता है।