
सिम कार्ड नियम (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: यदि आप अपने दस्तावेजों (ID Proof) पर ली गई सिम किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देते हैं, तो यह लापरवाही आपको भारी मुसीबत में डाल सकती है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश में लगातार बढ़ रहे साइबर फ्रॉड और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए एक बेहद सख्त एडवायजरी जारी की है। विभाग के नए नियमों के मुताबिक, फर्जी आईडी से सिम खरीदना या बेचना, अपने नाम की सिम किसी दूसरे को देना या मोबाइल के IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर दोषी को 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे तुरंत 'संचार साथी' पोर्टल या ऐप पर जाकर यह जांच लें कि उनकी आईडी पर कोई अनजान या unauthorized मोबाइल नंबर तो एक्टिव नहीं है।
सरकार और दूरसंचार विभाग द्वारा यह कड़ा कदम छत्तीसगढ़ में सामने आए एक बड़े साइबर फ्रॉड के मामले के बाद उठाया गया है। उस मामले में एक सिम बेचने वाले एजेंट ने भोले-भाले ग्राहकों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया और उनकी जानकारी के बिना ही उनके नाम पर 25 फर्जी सिम चालू कर दिए। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। जैसे ही इस मामले का खुलासा हुआ, दूरसंचार विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए उस आरोपी एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद री-वेरिफिकेशन (पुनः सत्यापन) प्रक्रिया में फेल होने पर उन सभी 25 फर्जी नंबरों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक यानी बंद कर दिया गया।
दूरसंचार विभाग ने अपनी एडवायजरी में बिल्कुल साफ कर दिया है कि यदि कोई नागरिक अपने नाम से सिम खरीदकर किसी और को बेचता है, किराए पर देता है या अपनी सिम का इस्तेमाल किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के लिए होने देता है, तो पुलिस केस और सीधी कानूनी कार्रवाई सिम मालिक के खिलाफ ही होगी। इसके अलावा, फर्जी डॉक्यूमेंट्स लगाकर सिम लेना, अपनी असली पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करना या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड सिम का गलत इस्तेमाल करना भी बेहद गंभीर अपराधों की श्रेणी में आते हैं।
जब कोई शातिर ठग किसी मासूम व्यक्ति की आईडी प्रूफ से नया सिम निकलवाता है, या फिर कुछ पैसों का लालच देकर उसकी सिम अपने कब्जे में ले लेता है और फिर उस सिम का इस्तेमाल करके साइबर अपराधों को अंजाम देता है, तो ऐसी सिम को 'म्यूल सिम' कहा जाता है। इसके अलावा, एडवायजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़ या बदलाव किया गया हो, उसका इस्तेमाल करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। साथ ही, विभिन्न मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट्स के जरिए किसी अन्य व्यक्ति का नंबर स्क्रीन पर दिखाकर कॉल करने (यानी कॉलिंग ID और नंबर बदलने) वाले टूल्स का इस्तेमाल करना भी अब बड़ा अपराध माना गया है। सरकार ने इन सभी गतिविधियों को देश की आंतरिक सुरक्षा और टेलीकॉम नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा खतरा करार दिया है।
Location : New Delhi
Published : 22 September 2026, 8:10 AM IST
Topics : Cyber Fraud India Department of Telecommunications DoT advisory Sanchar Saathi portal Sim Card Rules