Online Fraud पर लगाम कसेगा Google, अब फर्जी कॉल्स और मैसेज खुद होंगे ब्लॉक

Google ने एंड्रॉयड यूजर्स को ऑनलाइन फ्रॉड और कॉलिंग स्कैम्स से बचाने के लिए दमदार एंटी-स्कैम फीचर्स का ऐलान किया है। जेमिनी नैनो और प्राइवेट एआई कंप्यूट पर आधारित ये टूल्स रियल-टाइम में फर्जी कॉल्स, खतरनाक लिंक्स और स्पूफिंग की पहचान कर तुरंत ब्लॉक करेंगे, जिससे यूजर की प्राइवेसी और डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 October 2026, 10:51 AM IST

New Delhi: ऑनलाइन फ्रॉड और कॉलिंग स्कैम्स पर नकेल कसने के लिए Google ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए कई आधुनिक एंटी-स्कैम फीचर्स का ऐलान किया है। लगातार बदलते साइबर अपराधियों के तरीकों को मात देने के लिए ये फीचर्स रियल-टाइम में काम करेंगे। खास बात यह है कि ये नए टूल्स यूजर्स की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखते हुए मोबाइल स्कैम्स को रोकने में मददगार साबित होंगे।

जेमिनी नैनो और प्राइवेसी का अनोखा मेल

Google के ये नए एंटी-स्कैम फीचर्स ऑन-डिवाइस चलने वाले Gemini Nano मॉडल्स और Private AI Compute तकनीक पर आधारित हैं। कंपनी का दावा है कि प्राइवेट एआई कंप्यूट जिस जानकारी को प्रोसेस करेगा, वह पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इसे किसी के साथ भी साझा नहीं किया जाएगा, यहां तक कि खुद Google भी इस डेटा तक नहीं पहुंच सकेगा।

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Google Messages में आया 'Enhanced Protection' मोड

स्कैमर्स अब पुराने तरीकों को छोड़कर ज्यादा एडवांस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे निपटने के लिए Google Messages में नया 'Enhanced Protection' मोड जोड़ा गया है।

यह एक ऑप्ट-इन फीचर है जो मैसेज और भेजने वाले के इरादों को बारीकी से समझता है।

जेमिनी मॉडल्स की मदद से यह सिस्टम तुरंत पहचान लेता है कि सामने वाला व्यक्ति स्कैमर है या नहीं।

इसके बाद यह स्क्रीन पर साफ चेतावनी दिखाता है, जिससे यूजर बातचीत जारी रखने के बजाय तुरंत 'Report & block' का विकल्प चुन सकता है।

खतरनाक और नए लिंक्स से बचाव

पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों के अलावा, यह नया सिस्टम उन बिल्कुल नई फिशिंग वेबसाइट्स को भी पकड़ेगा जो अब तक किसी ब्लैकलिस्ट में शामिल नहीं हैं।

यूजर के किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले, यह सिस्टम रियल-टाइम वेब सिग्नल्स का इस्तेमाल करके उसकी जांच करता है।

गलती से होने वाले क्लिक्स और मालवेयर इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए Google ने नए और आकर्षक रूप से डिजाइन किए गए वॉर्निंग अलर्ट्स भी तैयार किए हैं।

इस साल के अंत तक Google अन्य एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं के साथ मिलकर इन ऑन-डिवाइस सुरक्षा फीचर्स को मैसेज ऐप के अलावा अन्य जगहों पर भी लाने की तैयारी कर रहा है।

स्क्रीन शेयरिंग और कॉल फॉरवर्डिंग पर कड़ा पहरा

स्कैमर्स अक्सर भोले-भाले लोगों को फंसाने के लिए स्क्रीन-शेयरिंग और कॉल-फॉरवर्डिंग का सहारा लेते हैं। इनसे बचाने के लिए Google कुछ कड़े कदम उठा रहा है-

एंड्रॉयड पहले से ही स्क्रीन शेयरिंग के दौरान सेंसिटिव जानकारी छिपा देता है, लेकिन अब यह सुविधा Chrome और Android WebView में भी मिलेगी।

एंड्रॉयड अब किसी भी ऐप को चुपचाप कॉल फॉरवर्डिंग ऑन करने से रोकेगा।

यदि किसी यूजर को डायल पैड पर एमएमआई कोड टाइप करने के लिए मजबूर या बरगलाया जाता है, तो नई सेटिंग लागू होने से पहले उसे एक स्पष्ट चेतावनी दी जाएगी।

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कॉलर आईडी स्पूफिंग से मिलेगी राहत

अक्सर स्कैमर्स बैंक अधिकारियों के नाम पर फर्जी नंबरों से कॉल करते हैं। इस कॉलर आईडी स्पूफिंग को रोकने के लिए Google बैंकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। एंड्रॉयड अब रियल-टाइम में इनकमिंग कॉल्स की जांच करेगा ताकि यह पुष्टि हो सके कि फोन वास्तव में बैंक से आया है या किसी ठग का है। Google इस शानदार फीचर को और अधिक देशों में बड़े पैमाने पर लॉन्च करने के लिए लगातार बैंकों से संपर्क कर रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  16 October 2026, 10:51 AM IST