वजन घटाने की इच्छा रखने वालों को डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह, इससे बढ़ सकता मधुमेह व दिल की बीमारी का खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शरीर के वजन को नियंत्रित करने या गैर-संचारी रोगों के खतरे को कम करने के लिए शुगर फ्री स्वीटनर्स (मिठास पैदा करने वाले पदार्थ) के इस्तेमाल के खिलाफ आगाह किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 16 May 2023, 4:18 PM IST

नयी दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शरीर के वजन को नियंत्रित करने या गैर-संचारी रोगों के खतरे को कम करने के लिए शुगर फ्री स्वीटनर्स (मिठास पैदा करने वाले पदार्थ) के इस्तेमाल के खिलाफ आगाह किया है।

यह सुझाव उपलब्ध सबूतों की समीक्षा के नतीजों पर आधारित है जिससे पता चलता है कि शुगर फ्री स्वीटनर्स (एनएसएस) के इस्तेमाल से वयस्कों या बच्चों के शरीर का वजन कम करने में लंबे समय में कोई फायदा नहीं मिलता।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि समीक्षा के नतीजों से यह भी पता चलता है कि लंबे वक्त तक एनएसएस के इस्तेमाल से संभावित रूप से अवांछित असर हो सकते हैं जैसे कि टाइप 2 मधुमेह, दिल की बीमारियों का खतरा और वयस्कों में मृत्यु दर बढ़ सकती है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार डब्ल्यूएचओ के पोषण और खाद्य सुरक्षा के निदेशक फ्रांसिस्को ब्रांका ने कहा, ‘‘किसी भोजन या पेय पदार्थ में घुली किसी भी प्रकार की मिठास के स्थान पर एनएसएस का इस्तेमाल करने से लंबे वक्त तक वजन कम करने में मदद नहीं मिलती। लोगों को अन्य विकल्पों पर विचार करने की जरूरत है। उदाहरण के लिए ऐसे पदार्थ खाना जिनमें प्राकृतिक रूप से मिठास होती है जैसे कि फल या बिना मिठास वाला भोजन और पेय पदार्थ।’’

ब्रांका ने एक बयान में कहा, ‘‘एनएसएस आहार के लिए आवश्यक तत्व नहीं है और इनका पोषण की दृष्टि से भी कोई महत्व नहीं है। लोगों को अपने स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए जीवन में शुरुआत से ही आहार में मिठास की मात्रा कम रखनी चाहिए।’’

Published : 
  • 16 May 2023, 4:18 PM IST

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