
नयी दिल्ली: विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने शुक्रवार को कहा कि ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ गुट निरपेक्ष आंदोलन (नैम) तथा जी-77 जैसी पहलों में भारत की भागीदारी को कमतर नहीं करता और इसने विकासशील देशों की चिंताओं को उद्देश्यपरक तथा सार्थक ढंग से पेश किया है।
दो दिवसीय ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’’ डिजिटल सम्मेलन की समाप्ति के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए क्वात्रा ने यह बात कही।
उन्होंने कहा,‘‘ भारत किस तरह से किसी अन्य मंच पर काम करता है, चाहे वह गुट निरपेक्ष आंदोलन हो या जी-77... यह शिखर सम्मेलन उसे किसी भी प्रकार से कमतर नहीं करता।’’
क्वात्रा ने कहा, ‘‘ वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए हमें लगा कि इस बात की जरूरत है कि ऐसा मंच तैयार किया जाए जहां ग्लोबल साउथ की आवाज को उद्देश्यपरक तथा सार्थक ढंग से पेश किया जा सके...।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ’ शिखर सम्मेलन ने भारत को व्यापक साझेदारी का नया मार्ग तैयार करने का अवसर प्रदान किया। विदेश सचिव ने कहा कि शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं और मंत्रियों के विचारों और उनके सुझावों को भारत बहुत महत्व देता है।
क्वात्रा ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि अफ्रीका के 47, एशिया के 31, यूरोप के सात और लातिनी अमेरिका तथा कैरेबियाई क्षेत्र के 29 देशों सहित 125 देशों के नेताओं ने शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
Published : 14 January 2023, 12:04 PM IST
Topics : Foreign Secretary platform Vinay Mohan Kwatra Voice of Global South विकासशील विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ