
वाशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के सैनिक संगठन इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सेना को मध्य-पूर्व में आतंकी बताया है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ ही रहा है। अमेरिका पिछले काफी समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गलत बताता रहा है। ट्रंप ने कहा था ईरान सरकार आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है। रेवोल्यूशनरी गार्ड आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराते हैं।
रिवॉल्युशनरी गार्ड्स से जुड़ने वाले किसी भी समूह से न रखें संपर्क
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा, दुनियाभर के सभी बैंकों और कारोबारों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वह जिस भी कंपनी के साथ वित्तीय लेनदेन कर रहे हैं, उनका लेनदेन किसी भी हालत में ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स समूह के साथ नहीं हो।
पॉम्पियो ने ट्वीट में कहा, ईरान सरकार के आतंकवाद के मुकाबले के लिए अमेरिका ने आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। हमें आजादी पाने में ईरान के लोगों की मदद करनी चाहिए।
किसी भी कार्रवाई का देंगे जवाब
अमेरिका के इस कदम पर ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने राष्ट्रपति हसन रुहानी से तत्काल प्रतिक्रिया की मांग की है। ईरानी नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड को आतंकी संगठन घोषित किया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसकी सेना के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है तो उसे भी जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
Published : 9 April 2019, 6:02 PM IST
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