
पणजी: गोवा के पर्यटन हितधारकों ने आध्यात्मकि पर्यटन को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की नीति का स्वागत करते हुए कहा है कि यह नीति केंद्र की ‘देखो अपना देश’ पहल के साथ तटीय राज्य में पर्यटन उद्योग के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खुंटे ने इस हफ्ते के शुरु में कहा था कि गोवा सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अन्य राज्यों के साथ करार करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार गोवा के मंदिरों को पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाना चाहती है।
सरकार की योजनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी) ने कहा कि हाल ही में निर्मित मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जरिये टियर-2 और टियर-3 शहरों के जुड़ने से राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।
टीटीएजी के अध्यक्ष नीलेश शाह ने डाइनामाइट न्यूज़ को कहा, “उत्तराखंड जैसे गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा होंगे। उत्तराखंड घूमने जाने वाले पर्यटक अब सीधी उड़ान से गोवा आ सकते हैं।”
शाह गोवा से उत्तराखंड के बीच 23 मई को शुरू की जाने वाली सीधी उड़ान का जिक्र कर रहे थे।
गोवा को आध्यात्मिक पर्यटन के लिए एक ‘शानदार स्थल’ बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘देखो अपना देश’ पहल ने भारत के भीतर घरेलू यात्राओं को बढ़ावा दिया है। यह पहल कोविड-19 से पर्यटन क्षेत्र पर पड़े असर के बाद शुरू की गई थी।
गोवा होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष गौरीश धोंड ने कहा कि तटीय राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना एक ‘उत्कृष्ट विचार’ है।
उन्होंने कहा, “उत्तराखंड जैसी जगहों के लिए सीधी हवाई उड़ान सेवा से दोनों राज्यों को फायदा होगा।”
Published : 19 May 2023, 4:08 PM IST
Topics : Goa spiritual stakeholders Tourism आध्यात्मिक गोवा पर्यटन योजना राज्य सरकार