
नई दिल्ली: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को शनिवार को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया है। वह इससे पहले भी यह भूमिका निभा रही थी। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी मौजूदा चुनौतियों के सामने अडिग है और दोबारा उठ खड़ी होगी।
सोनिया गाांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा यह हमारे लिए अभूतपूर्व संकट का समय है लेकिन इसमें ही अभूतपूर्व अवसर भी निहित हैं। अब यह हमारे ऊपर निर्भर है कि हम इसे कितनी विनम्रता और आत्मविश्वास से लेते हैं। हार से सही सबक सीखने की आवश्यकता है।
वहीं इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हर कांग्रेस सदस्य संविधान और बिना भेदभाव के भारत के हर नागरिक के लिए लड़ता रहेगा। हालांकि उन्होंने 52 सांसद होने के बाद भी भाजपा से इंच-इंच लड़ने की बात कहकर अपने तेवरों को स्पष्ट कर दिया है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक नेता चुने जाने के बाद सोनिया ने देश के उन 12.13 करोड़ मतदाताओं का आभार प्रकट किया जिन्होंने इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। इसके साथ ही लोकसभा में जीते हुए नए सांसद भी पहली बार सोनिया-राहुल से मिले।
गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के सिर्फ 44 संसद पहुंचे थे। पिछली बार मल्लिकार्जुन खड़गे पूरे पांच साल तक नेता विपक्ष पद की मांग करते रहे लेकिन उन्हें नहीं संख्या बल कम होने के कारण यह पद नहीं मिला था।
Published : 1 June 2019, 3:26 PM IST
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