
मुंबई: नये कृष कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को अब प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी नेता अन्ना हजारे का भी समर्थन मिल गया है। अन्ना हजारे ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह किसानों की बातों को सुने और समस्याओं का समाधान करे।
अन्ना हजारे ने रालेगण सिद्धि में कहा कि किसान आज अहिंसा के मार्ग पर चल कर आंदोलन कर रहे हैं। किसान और सरकार की स्थिति भारत और पाकिस्तान की तरह हो गई है। जिस तरह चुनाव के समय नेता किसानों के घर व खेतों में वोट मांगने के लिए जाते हैं, उसी तरह अब उनकी समस्याओं पर नेताओं को बात करनी चाहिये।
अन्ना हजारे ने कुछ स्थानों पर आंदोलनकारी किसानों पर वॉटर कैनन के इस्तेमामल की भी निंदा की। उन्होंने सरकार को तत्काल किसानों से बात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान जब कल हिंसा पर उतर जाएंगे तब उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसलिये किसानों से बात करने सरकार का कर्तव्य है।
अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि किसान इतने दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। जो किसान आंदोलन कर रहें है, वो पाकिस्तान के नहीं है। जरूरी है कि सरकार अब किसानों के मसले को सुलझाइए।
Published : 29 November 2020, 4:06 PM IST
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