
उत्तराखंड: देहरादून में उत्तराखंड नगरीय क्षेत्र विकास अभिकरण के तहत सीवरेज का काम कर रहे एक ठेकेदार द्वारा एक करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा द्वारा की गई छापेमारी में पाया गया कि ठेकेदार फर्जी बिलिंग के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठा रहा था। जांच के दौरान दबाव बढ़ने पर ठेकेदार ने मौके पर ही 50 लाख रुपये नकद जमा करा दिए।
फर्जी बिलिंग के जरिए आईटीसी का खेल
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, एसआईबी टीम ने अपर आयुक्त गढ़वाल पीएस डुंगरियाल और संयुक्त आयुक्त अजय कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की। जांच में पाया गया कि ठेकेदार ने फर्जी खरीद दिखाकर आईटीसी का लाभ उठाया था। जिन फर्मों से उसने खरीद दिखाई थी, उनका जीएसटी पंजीकरण पहले ही निरस्त हो चुका था, जिससे टैक्स चोरी की पुष्टि हुई।
आधी रात तक चलती रही कार्रवाई
एसआईबी टीम ने देर रात तक ठेकेदार के कार्यस्थल की गहन जांच की। जैसे-जैसे साक्ष्य सामने आए, ठेकेदार पर दबाव बढ़ता गया और आखिरकार उसने कार्रवाई से बचने के लिए 50 लाख रुपये नकद मौके पर ही जमा करा दिए।
कर चोरी पर सरकार की सख्ती
राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल ने कर चोरी रोकने के लिए सघन अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सरकार अधिक से अधिक राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में डिप्टी कमिश्नर अजय बिरथरे, सहायक आयुक्त टीका राम चन्याल, राज्य कर अधिकारी असद अहमद, कंचन थापा, डीएस रावत, भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, राजेंद्र बडवाल और नरेंद्र कुमार शामिल रहे।
राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि सरकार कर चोरी रोकने के लिए पूरी तरह सख्त है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी।
Published : 31 March 2025, 1:18 PM IST
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