
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में ऐतिहासिक संरचनाओं और जल संरक्षण के स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयास तेज हो गए हैं।
लक्ष्मणगंज इलाके में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के निर्देश पर शुक्रवार को बावड़ी के दूसरे छोर पर खुदाई शुरू हुई। इस कार्य में प्रतिदिन 40-50 मजदूर दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं।
खुदाई का उद्देश्य
नगर पालिका की उत्खनन प्रभारी प्रियंका सिंह ने बताया कि खुदाई का उद्देश्य जल स्रोतों को संरक्षित करना और प्राचीन धरोहरों को पुनर्जीवित करना है। इसके साथ ही फिरोजपुर किला, बावड़ियों और चोर कुआं जैसी संरचनाओं का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का योगदान
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राजिंदर पेंसिया ने कहा कि संभल में 19 कुएं और 68 पवित्र स्थलों को पुनर्जीवित करने का कार्य चल रहा है। इन स्थलों को जल संरक्षण के प्राकृतिक संसाधनों के रूप में उपयोग किया जाएगा। हाल ही में अतिक्रमण हटाने के बाद कई स्थानों पर खुदाई के दौरान प्राचीन मंदिर और कुएं सामने आए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई पुलिस चौकी का निर्माण शुरू हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
प्राचीन मंदिर की पुनः खोज
1978 से बंद शिव-हनुमान मंदिर को 22 दिसंबर को फिर से खोलने की तैयारी हो रही है। इस पहल को लेकर स्थानीय प्रशासन और एएसआई के अधिकारी प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
Published : 28 December 2024, 1:13 PM IST
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