
नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमलनाथकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई की है। कोर्ट के फैसले को कमलनाथ को बड़ी राहत मिली है।
कोर्ट से मिली राहत
मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आखिर आयोग को यह अधिकार किसने दिया है? मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम की खंडपीठ ने कमलनाथ की याचिका की सुनवाई के दौरान आयोग को आड़े हाथों लिया। जस्टिस बोबडे ने आयोग से कहा- हम आपके आदेश पर रोक लगाते हैं और आपसे यह जवाब चाहते हैं कि आपको जन प्रतिनधित्व कानून की धारा 77 के तहत यह अधिकार किसने दिया कि किसी पार्टी में कौन स्टार प्रचारक होगा और कौन कुछ और न्यायालय इस मामले में बाद में सुनवाई करेगा।
क्या कहा चुनाव आयोग ने
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा कि कमलनाथ के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें लगातार आ रही थीं। बीजेपी नेता इमरती देवी को आइटम बोलने के बाद कमलनाथ ने एक अन्य सभा में शिवराज सिंह को नौटंकी कलाकार भी कहा था। आयोग ने मध्य प्रदेश के सीईओ की रिपोर्ट के आधार पर कमलनाथ को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना।
Published : 2 November 2020, 4:42 PM IST
Topics : Election Commisions Kamalnath Politics Supreme Court कमलनाथ चुनाव आयोग मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव सुप्रीम कोर्ट