
कोलकाता: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी (Sitaram Yechury) ने आरोप लगाया कि अयोध्या (Ayodhya) में बन रहे राम मंदिर (Ram Mandir) में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के नाम पर देश में ध्रुवीकरण की कोशिश की जा रही है।
माकपा ने कहा कि राजनीतिक दलों को धर्म आधारित राजनीति में संलिप्त नहीं होना चाहिए।
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येचुरी मार्क्सवादी पार्टी के दिग्गज नेता रहे ज्योति बसु (Jyoti Basu) की 15वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने कोलकाता आए थे।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि प्रत्येक पार्टी को सांप्रदायिक सद्भाव और संविधान के सिद्धांतों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार तृणमूल कांग्रेस ने अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन विभिन्न धर्मों के नेताओं के साथ एक सौहार्द रैली आयोजित करने की घोषणा की है ।
तृणमूल के कार्यक्रम के बारे में पूछने पर येचुरी ने कहा, ‘‘हर पार्टी को सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए अपना अभियान चलाने का अधिकार है। लेकिन ऐसे अभियान के नाम पर कोई प्रतिस्पर्धी सांप्रदायिकता नहीं होनी चाहिए। कोई राजनीतिक ध्रुवीकरण (Political Polarization) नहीं होना चाहिए।’’
इससे पहले अपने संबोधन में येचुरी ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वह राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
Published : 18 January 2024, 12:22 PM IST
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