
मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में मनरेगा में बड़ी धांधलेबाजी सामने आई है। यहां अधिकारी इस कदर मेहरबान हैं कि मृत व्यक्तियों को भी मनरेगा का भुगतान किया जा रहा है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला मैनपुरी के करहल क्षेत्र से भी सामने आया है।
करहल क्षेत्र के गांव सायपुरा के रहने वाले लाखन सिंह की मौत टीबी की बीमारी के कारण 12 साल पहले ही हो गई थी। लेकिन सरकार द्वारा चलाई जा रही महात्मा गांधी गारंटी रोजगार योजना (मनरेगा) का लाभ अब भी लाखन सिंह को दिया जा रहा है। मृतक लाखन सिंह के नाम पर बकायदा मनरेगा के पैसे उनके खाते में ट्रांसफर होते है।
इस मामले की हकीकत जानने के लिए जब डाइनामाइट न्यूज़ लाखन सिंह के गांव में पहुंचा तो उनके परिजनों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि 12 साल पहले टीबी का शिकार बन चुके लाखन सिंह को अब भी मनरेगा का लाभ मिल रहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते हुए मृतक के परिजनों ने बताया कि लाखन सिंह की मृत्यु टीबी की बीमारी के कारण 12 साल पहले ही हो चुकी थी। परिजनों के मुताबिक लाखन सिंह ने न कभी मजदूरी की, न उनका कोई जॉब कार्ड बना था। परिजनों ने यहां तक बताया कि लाखन सिंह ने कभी किसी भी सरकारी योजना में कोई फॉर्म नहीं भरा था, लेकिन इसके बाद भी उन्हें हर साल भुगतान होता है।
जानकारी के मुताबिक हाल ही में 6 महीने पहले लाखन सिंह को उनके कथित जॉब कार्ड संख्या 3123005027/ic/958486255823374591 से 20 दिन का रोजगार का भुगतान 4,080 रुपए किये गये और यह उनके खाते से निकाले भी गये।
जानकारी के मुताबिक विकास खण्ड अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और रोजगार सेवक की मिलिभगत से ही इस तरह के भ्रष्ट कार्यों का अंजाम दिया जाता है।
इस संबंध में एक शिकायतकर्ता ने मुख्य विकास अधिकारी को शिकायतों का ज्ञापन देते हुए निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी विनोद कुमार से इस सबंध में बात की तो उन्होंने बताया मामला पूरा संज्ञान में आ गया है। उन्होंने कहा कि डीसी मनरेगा को मामले की निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए है। 3 दिन के अंदर जांच कर अवगत कराये जिससे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
Published : 4 April 2022, 2:19 PM IST
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