
फरेंदा (महराजगंज): राणी सती दादी का 11वें वर्ष का मंगलपाठ का आयोजन आनंदनगर में स्थित मैरिज हाल में किया गया, जिसमें 121 मारवाड़ी समाज की सुहागिन महिलाओं ने एक तरह की वस्त्र धारण कर मां नारायणी का मंगल पाठ किया। इसमें भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा प्रसाद भी ग्रहण किया।
भजन गायक पं. रजत शर्मा ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया कि इस पाठ को पढ़ने व सुनने मात्र से ही प्राणियों का जीवन धन्य हो जाता है। कथा के अनुसार मां नारायणी पूर्व जन्म में अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा थी। जब अभिमन्यु चक्रव्यूह में वीरगति को प्राप्त हुए तो उनकी पत्नी उत्तरा पति के साथ सती होना चाहती थी क्योंकि उत्तरा गर्भवती थी इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने उनको सती होने से रोका और कहा कि तुम्हारी यह सती होने की इच्छा कलयुग में पूरी होगी।
फिर कलयुग में उत्तरा का जन्म संवत 1338 में सेठ गुड़सा मल महाराज जी के यहां हुआ और मनु का जन्म तन धन दास के रूप में हुआ।
मां नारायणी के विवाह के पश्चात ससुराल जाते समय राजा के द्वारा तनधन जी को छिपकर मार देने के कारण मां नारायणी ने सेना की कमान खुद संभाली और 11 सैनिकों को मार गिराया। अंत में मां घायल हो गई और उनका सेनापति राणा भी घायल हो गया। मां ने राणा से कहा कि अब मुझे सती होना है और मेरा युद्ध में साथ देने के कारण मेरे नाम से पहले तुम्हारा नाम लगाया जाएगा और जो राणी सती दादी की पूजा करेगा, उसे सुख समृद्धि प्राप्त होगी।
इस अवसर पर मंगलपाठ वाचक संगीता सिंघानिया, विशाल बागला, कर्तव्य सरावगी, गौरव, हर्षित खेतान, विशाल बागला, गोपाल बागला, राजू, शालिनी, उषा, स्वाति, तम्मना, संगीता, रेखा, रंजू सुरेश खेतान, मोहित बागला सहित कई लोग मौजूद रहे।
Published : 19 November 2022, 1:26 PM IST
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