
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अवसर पर बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार देर रात संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे भगदड़ मच गई। इस हादसे में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन इस दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सबके मन में ये ख्याल है क्या है संगम नोज जहां पर भगदड़ मची और क्या है इसका महत्व
क्या है संगम नोज और क्यों यहां होती है भारी भीड़?
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, संगम नोज प्रयागराज महाकुंभ का सबसे प्रमुख स्नान स्थल है। इसका नाम संगम नोज इस जगह के आकार की वजह से पड़ा है। यही वह स्थान है जहां गंगा, यमुना और पौराणिक नदी सरस्वती का संगम होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। यही कारण है कि मौनी अमावस्या, जिसे कुंभ का सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व माना जाता है, पर लाखों श्रद्धालु यहां स्नान के लिए उमड़ पड़ते हैं।
संगम नोज पर साधु-संतों के स्नान का विशेष महत्व होता है, और श्रद्धालु भी उन्हीं का अनुसरण करते हुए इसी स्थान पर डुबकी लगाना चाहते हैं।
कैसे हुआ हादसा?
हर बार की तरह इस साल भी मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे। संगम नोज, जिसे कुंभ के दौरान सबसे पवित्र स्नान स्थल माना जाता है, पर मध्यरात्रि से ही भक्तों की भारी भीड़ जमा होने लगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग गिर पड़े और दबने से मौत हो गई। भीड़ के दबाव के कारण लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। अंधेरा होने के कारण स्थिति और भी भयावह हो गई, जिससे बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं।
प्रशासन की लापरवाही?
इस हादसे के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। कुंभ जैसे विशाल आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है, और संगम नोज पर हर बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में क्या प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे, या फिर यह हादसा भीड़ के अनियंत्रित होने की वजह से हुआ? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
Published : 29 January 2025, 3:09 PM IST
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