
प्रयागराज: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर दूसरा अमृत स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालू और साधु-संत इंतज़ार कर रहे थे। आस्था की डुबकी लगाने के लिए महाकुंभ में पहुंचे श्राद्धाओं के जत्थे का भाव खुशी और भक्ति से मातम में उस वक्त बदल गया जब अचानक मंगलवार को देर रात लगभग 2 बजे भगदड़ मच गई और पूरे महाकुंभ मेले में हाहाकार मच गया। लेकिन इसी के ठीक 12 घंटे बाद स्थिति सामान्य नज़र आई और सभी अखाड़ों ने एक-एक करके मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर अमृत स्नान किया। महाकुंभ में 12 घंटों में बदली ये तस्वीर यूं ही नहीं बदल गई, इसके पीछे कई घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन है। चलिए आपको बताते हैं महाकुंभ में रात के भयावह मंज़र के भक्ति में तब्दील होने तक का सफर।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, महाकुंभ में मची इसी भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई तो कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार, रात 2 बजे संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, इसी दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा गिर गया और भगदड़ मच गई।
डराने वाली तस्वीरें आईं सामने
इस भगदड़ की जो तस्वीरें सामने आई वो डराने वाली हैं। यहां कोई अपने परिजन की मौत पर बिलखता हुआ दिखाई दिया तो कोई भीड़ में खो गए अपनों को ढूंढता हुआ नज़र आया। कहीं पुलिसकर्मी स्ट्रेचर पर शवों को ले जाते दिखाई दिये तो कहीं घायल लोग नज़र आए। कोई अपने परिजन को बचाने का हर संभव प्रयास करता दिखाई दिया, तो कोई किसी अपने के शव का हाथ थामे हुए दिखाई दिया, ताकि कहीं शव भीड़ में खो न जाए।
चारों तरफ बिखरा सामान, इधर उधर भागते लोग, एक के ऊपर एक गिरे पड़े लोगों की ये तस्वीरें मन में डर पैदा करती हैं। इस हादसे के बाद कुछ लोगों की आंखों में आंसू नज़र आए तो कोई प्रशासन पर गुस्सा करता नज़र आया।
राहत बचाव कार्य कैसे हुआ शुरू
भगदड़ मचने के बाद पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम ने तत्परता दिखाई और राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंचने लगी और घायलों को अस्पताल लाया जाने लगा। इलाज करने के साथ ही राहत और बचाव कार्य तेजी से बढ़ाया गया। सुबह तक सभी अधिकारी स्थिति को पूरी तरह से कंट्रोल करने का प्रयास करते रहे। इसके बाद प्रशासन के साथ साथ साधु-संत भी श्रद्धालूओं से अपील करते नज़र आए। लोगों से अपील की गई कि वे केवल संगम नोज़ पर स्नान करने के बारे में न सोचें बल्कि जो भी पास में घाट हो वहां पर स्नान करें। जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते नज़र आए।
भक्ति में डूबे श्रद्धाओं ने लगाई डुबकी
भयावह मंजर के बाद अब महाकुंभ में स्थिति सामान्य है। अब श्रद्धालू शांतिपूर्वक स्नान कर रहे हैं, साथ ही पहले अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, हालात सामान्य होने के बाद अखाड़ों ने तय किया कि वह अमृत स्नान में शामिल होंगे। स्नान के लिए संगम जा रहे साधु-संतों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मौनी अमावस्या के अवसर पर नागा साधु भी त्रिवेणी संगम की ओर जाते नज़र आए। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज रथ पर निकले। नागा साधुओं ने तलवार लहराईं और जयकारे लगाते हुए संगम घाट पहुंचे। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज ने भी संगम में डुबकी लगाई।
आज इस भयानक मंज़र देखने के बाद डाइनामाइट न्यूज़ आप सभी से ये अपील कर करता है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित रहें।
Published : 29 January 2025, 8:15 PM IST
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