
फर्रुखाबाद: जनपद के लोहिया अस्पताल (Lohia hospital) में चिकित्सा विभाग की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। वैसे तो डॉक्टरों (Doctor) को भगवान (God) की संज्ञा दी जाती है। क्योंकि वह लोगों को नया जीवन देते हैं। लेकिन यहां अस्पताल चिकित्सकों की संवेदनाओं की मौत का मामला उजागर हुआ है। एक लावारिस मरीज (Patient) गत कई दिनों से लोहिया अस्पताल के फर्श पर पड़ा दर्द से कराह रहा है। उसके हाथ व पैर के जख्मों में कीड़े (insect) पड़ चुके हैं। लेकिन उसे एडमिट (Hospitalized)नहीं किया जा रहा है।
दर्जनों स्वास्थ्यकर्मी का यही रास्ता
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार दिनभर में दर्जनों चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी उधर से गुजरते तो जरूर हैं, लेकिन उसे नजरअंदाज कर निकल जाते हैं। करीब 40 वर्षीय युवक लोहिया अस्पताल के पुरुष अनुभाग से महिला अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते में फर्श पर पड़े व्यक्ति के हाथ व पैर में कीड़े पड़ गए हैं।
लावारिस मरीज ने बतायी आपबीती
बीमार युवक ने बताया कि वह मुहल्ला सुनहरी मस्जिद निवासी गोलू है। उसके हाथ व पैर में घाव है, काफी दर्द हो रहा है। तीन दिन पहले उसकी ड्रेसिंग की गई थी, लेकिन भर्ती नहीं किया गया।
स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारी दिन भर इसी रास्ते से निकलते हैं। अस्पताल परिसर में मरीज को फर्श पर पड़े तड़पता देखकर भी उसे नजरअंदाज कर निकल जाते हैं।
अस्पताल में लावारिस भर्ती कराए जाने वाले मरीजों की देखरेख नहीं की जाती है। स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक मरीज को देखने नहीं जाते। जब मरीज की मौत हो जाती है तब पुलिस को सूचना भेज दी जाती है।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं दी गई। युवक को भर्ती कराकर उपचार किया जाएगा।
Published : 25 September 2024, 4:30 PM IST
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