
नई दिल्लीः भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके के तीसरे चरण के ट्रायल लिए एम्स में एक मुश्किल खड़ी हो गई है।
एम्स को तीसके फेज की ट्रायल के लिए पर्याप्त संख्या में स्वेछा से टीकाकरण कराने वाले वॉलंटियर नहीं मिले हैं। ट्रायल के लिए संस्थान को लगभग 1,500 लोग चाहिए। लेकिन अभी तक केवल 200 लोग आए हैं। लोग इस प्रक्रिया में यह सोचकर भाग नहीं ले रहे हैं कि जब टीका सबको मिलने वाला है तो ट्रायल में भाग लेने की क्या जरूरत है।
डॉक्टर का इस बारे में कहना है कि भारत बायोटेक के कोवैक्सिन नामक टीके के अंतिम चरण के ट्रायल के लिए निर्दिष्ट संस्थानों में से एक एम्स है। ट्रायल के लिए संस्थान को लगभग 1,500 लोग चाहिए। कोवैक्सिन का निर्माण, भारत बायोटेक और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पहले चरण का ट्रायल शुरू होने वाला था तब उन्हें सौ प्रतिभागियों की जरूरत थी लेकिन 4,500 आवेदन मिले थे।
Published : 18 December 2020, 11:05 AM IST
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