
पोर्ट ब्लेयर/नई दिल्ली: नौकरी दिलाने के नाम पर 21 वर्षीय एक युवती से अंडमान एवं निकोबार में सामूहिक बलात्कार मामले में तत्कालीन पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण समेत तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। इस मामले में तीनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं। पीडिता की शिकायत पर अक्टूबर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) समेत अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था और जांच के लिये एसआईटी गठित की गई थी।
आरोपियों में अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण, व्यवसायी संदीप सिंह उर्फ रिंकू और निलंबित श्रम आयुक्त ऋषिश्वरलाल ऋषि शामिल हैं। तीनों के खिलाफ 935 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया गया है, जिसमें लगभग 90 गवाहों के बयानों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को आधार बनाया गया है।
गैंगरेप के इस मामले में विशेष जांच दल गठित किया गया था। मोनिका भारद्वाज के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को आरोपपत्र दाखिल किया।
आरोप है कि 21 वर्षीय युवती को सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के आवास पर ले जाया गया था, जहां नारायण सहित कई लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया।
इस मामले में गत एक अक्टूबर को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। जितेंद्र नारायण को सरकार ने तत्काल प्रभाव से 17 अक्टूबर को निलंबित कर दिया था।
Published : 5 February 2023, 6:56 PM IST
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