
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव चलते हुए गरीब सवर्णों के लिए सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पास किया गया। मोदी मंत्रिमंडल ने इस फैसले को मंजूरी दे दी। लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम कई मायनो में अहम है। अब सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को भी सरकारी नौकरियों व अन्य जगहों पर आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसमें फैसला किया गया कि प्रतिवर्ष आठ लाख रुपये से कम आय वाले परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती में और उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा।
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आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि संविधान में संशोधन के लिए बिल मंगलवार को संसद में पेश किया जाएगा।
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वर्तमान समय में आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत किया जाएगा। इसमें से 10 फीसदी कोटा आर्थिक रूप से पिछले लोगों के लिए होगा। बता दें कि लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछले सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की जा रही थी।
Published : 7 January 2019, 3:20 PM IST
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