
नई दिल्ली: वैश्विक महामारी कोरोना के कारण समूचा अर्थ और उद्योग जगत बुरी तरह प्रभावित रहा है। महामारी से बचाव के लिये अनिवार्य लॉकडाउन जैसे कारणों के चलते विनिर्माण क्रियाकलापों समेत हर तरह की औद्योगित गतिविधियों को रोक दिया गया। मांग में अभूतपूर्व गिरावट के कारण कार समेत लग्जीर वस्तुओं का मार्केट पूरी तरह ठप्प हो गया था। अब इसके जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वे बेहद चौकाने वाले है। ऑटो इंडस्ट्री की बात करें तो यूरोप में बीते साल कार की बिक्री में लगभग एक चौथाई की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गयी है।
कोरोना महामारी के कारण यूरोप के कार उद्योग और बाजार अब तक के अपने सबसे बुरे संकट का सामना करना पड़ रहा है। यह इंडस्ट्री अब तक की सबसे बड़ी गिरावट से जूझ रही है। महामारी के कारण यूरोप के सभी प्रमुख बाजारों में कारों की बिक्री में दोहरे अंक की गिरावट दर्ज की गई।
यूरोपीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक बाजार में नई कारों का पंजीकरण 23.7 प्रतिशत या 30 लाख यूनिट घटकर 99 लाख यूनिट पर पहुंच गया है। एसोसिएशन के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि लॉकडाउन और दूसरे प्रतिबंधों के चलते पूरे यूरोप में कार की बिक्री पर अभूतपूर्व असर पड़ा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस दौरान कार बिक्री स्पेन में 32.3 प्रतिशत, इटली में 28 प्रतिशत और फ्रांस में 25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। इसी तरह जर्मनी में 19 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी। आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में हालात कुछ सुधरे, लेकिन गिरावट का सिलसिला नहीं थमा। दिसंबर में बिक्री इससे पिछले साल की तुलना में 3.3 प्रतिशत कम थी।
हालांकि अब अनुमान जताया जा रहा है कि भारत समेत यूरोप और समूचे वैश्विक कार बाजार में धीरे-धीरे मांग बढ़ रही है लेकिन बिक्री अपने सामान्य स्तर पर कब तक पहुंचेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
Published : 19 January 2021, 4:36 PM IST
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