
बहराइच: जिले के रुपईडीहा बॉर्डर पर स्मैक का काला कारोबार एक उद्योग का रूप लेता जा रहा है। यहां स्मैक पीने के लिए युवक-युवतियां का जमावड़ा सुबह से ही लगना शुरू हो जाता है। यह कारोबार यहां खुलेआम चल रहा है। बीते एक वर्ष में कस्बे के एक दर्जन से अधिक लोगों की स्मैक पीने की वजह से मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस इस अवैध कारोबार के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। यही कारण है कि यह कारोबार यहां तेजी से फल फूल रहा है।
रुपईडीहा के इलाके नई बस्ती,बरथनवां,मुस्लिमबाग एवं रुपईडीहा गाँव स्मैक की बिक्री का मुख्य केंद्र है और यहीं से नेपाल के लिये स्मैक की तस्करी भी की जाती है। स्मैक व चरस के कई बड़े सौदागर इसकी बिक्री का काम अपने घर से ही करते है, मगर पुलिस सब कुछ जानते हुए भी अंजान बनी हुई है। आलम यह है कि स्मैक के व्यापारियों ने छोटे छोटे बच्चों को स्मैक की डिलिवरी देने के लिए लगा रखा है। कस्बे का युवा वर्ग पूरी तरह बर्बादी के कगार पर है।
बॉर्डर पर फल फूल रहे तस्करी का यह कारोबार कई बड़े सौदागरों के इशारे पर होता है, इसी वजह से पुलिस उन पर हाथ नही डाल रही है और इसलियो खुलेआम बॉर्डर पर नशे का कारोबार कर रहा है। अब देखना होगा कि क्या जिले के उच्चधिकारी स्मैक के इन सौदागरों पर कैसे नकेल कसते हैं।
Published : 28 December 2017, 6:03 PM IST
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