
नई दिल्ली: तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के जारी आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने फिर एक बार 30 जनवरी से आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। अन्ना हजारे की इस घोषणा से किसान संगठनों समेत उनके आंदोलन को अब नया बल मिल सकता है। अन्ना हजारे ने मांग की है कि केंद्र सरकार किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करे।
कुछ सालों पहले दिल्ली में लोकपाल आंदोलन के जरिये तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाने वाले अन्ना हजारे ने गत दिनों अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार को दो पेजों की एक चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने किसानों के समर्थन में अपने आंदोलन के कारणों को समझाने का प्रयास किया। इसी चिट्ठी के साथ अन्ना ने कहा था कि यदि किसानों की बात नहीं मानी गई तो वे जनवरी से दिल्ली में आंदोलन छेड़ेंगे।
अन्ना हाजरे ने अपने दो पृष्ठों की चिट्ठी में किसानों के संबंध में कई बातें लिखी है। एसएसपी को लेकर भी अपना रूख और नजरिया स्पष्ट किया। एमएसपी के पक्ष में उन्होंने स्वामीनाथन रिपोर्ट का भी जिक्र किया है औऱ कहा है कि इसी तर्ज पर किसानों को उनका हक मिलना चाहिये।
उक्त पत्र पर सरकार के रुख के अन्ना हाजरे ने दिल्ली में आमरण अनशन की घोषणा कर दी। अन्ना हजारे ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है। अन्ना के आंदोलन की घोषणा से अब सरकार पर भी दबाव देखा जा सकता है।
Published : 19 January 2021, 3:51 PM IST
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