
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज 25वें दिन भी जारी है। नये कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान किसी भी हालत में पीछे हटने को तैयार नहीं। किसानों के इस आंदोलन को अब तक कई राजनीतिक पार्टियों, संगठनों और शख्सियतों का समर्थन मिल चुका है। अब सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी वितारक अन्ना हजारे भी किसानों के आंदोलन के समर्थन में खुलकर सामने आ गये हैं और वे जल्द इसे लेकर फिर आंदोलन की डगर थाम सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसानों के समर्थन में दिल्ली फिर एक बार बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। बताया जाता है कि इसके लिये राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में प्रोटेस्ट की तैयारी की जा रही है। हालांकि यह भी जानकारी मिली है कि रामलीला मैदान में प्रदर्शन के लिये ली जाने वाली पुलिस समेत अन्य जरूरी मंजूरियां अभी तक नहीं मिल सकी है। लेकिन इतना साफ है कि अन्ना ने आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में एक बार फिर से प्रदर्शन का बिगुल बजा दिया है।
इससे पहले गुरुवार को भी 83 वर्षीय समाजसेवी अन्ना हजारे ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि अगर किसानों की मांगें पूरी नहीं हुई तो वो केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों के समर्थन में जनांदोलन शुरू करेंगे। भारत बंद के दिन उन्होंने किसानों के समर्थन में एक दिन का उपवास भी किया था। पहले भी उनहोंने ऐलान किया था कि अगर सरकार किसानों की बातें नहीं सुनेगी तो पूरे देश में जनांदोलन होगा।
अन्ना हजारे ने लोकपाल आंदोलन के जरिये तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिला दिया था। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शनों को वे उसी तर्ज पर देखते हैं और लोकपाल आंदोलन की ही तरह वे किसानों के समर्थन में सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेडेंगे।
सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्ड समेत दिल्ली की कई सीमाओं पर किसान पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और आंदोलन के 25वें दिन आज रविवार को वे “शहीदी दिवस” के रूप में मना रहे हैं। किसानों का दावा है कि इस आंदोलन के दौरान अब तक उनके 33 किसान साथी जान गंवा चुके हैं, जिन्हें आज श्रद्धांजलि दी जा रही है।
Published : 20 December 2020, 1:10 PM IST
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