पशु अधिकार समूह का आरोप, जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर आवारा कुत्तों के साथ की गई क्रूरता, जानिये पूरा मामला

पशु अधिकार समूह ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ (पीएफए) ने रविवार को दावा किया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने आठ से 10 सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर बगैर किसी लिखित आदेश के आवारा कुत्तों को अवैध तरीके से पकड़ना शुरू किया है, जिनमें से अधिकतर की नसबंदी पहले ही हो चुकी है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 3 September 2023, 7:22 PM IST

नयी दिल्ली: पशु अधिकार समूह ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ (पीएफए) ने रविवार को दावा किया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने आठ से 10 सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर बगैर किसी लिखित आदेश के आवारा कुत्तों को अवैध तरीके से पकड़ना शुरू किया है, जिनमें से अधिकतर की नसबंदी पहले ही हो चुकी है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार समूह के एक बयान के अनुसार, हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर यात्रियों ने पीएफए से संपर्क किया। उन्होंने कुत्तों को भौंकते हुए देखा, और उन्हें ऐसा लगा कि चतुर्थ श्रेणी के अप्रशिक्षित श्रमिक वाहनों में डालने से पहले इनकी गर्दन में तार डालकर इन्हें घसीट रहे हैं।

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले एक व्यक्ति ने भी पीएफए को बताया कि प्रगति मैदान से पिल्लों के साथ कुतिया को उठा लिया गया और किसी को नहीं पता कि सभी पिल्लों को साथ ले जाया गया या कुछ को लापरवाही से छोड़ दिया गया।

पशु अधिकार समूह ने कहा कि शहर में 47 स्थानों पर आवारा कुत्तों को हटाने संबंधी बगैर सोचे-समझे जारी किये अपने 3 अगस्त के आदेश को जल्दबाजी में वापस लेने के बाद, एमसीडी ने किसी भी योजना या आदेश को साझा करने से दूर रहने का फैसला किया है और शहर में कुत्तों को पकड़ने का कार्य जारी रखा।

बयान के अनुसार, कुत्तों को पकड़ने वाले दलों ने दो स्थानों पर कार्रवाई की, जिसमें प्रगति मैदान से एक महीने पहले और हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 क्षेत्र से कुत्तों को पकड़ा गया।

बयान में कहा गया है,''पशु कल्याण के लिए काम करने वाली संस्था ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया था, लेकिन एमसीडी ने प्रस्ताव को नकारते हुए खुलेआम और अवैध रूप से कुत्तों को पकड़ा, जिनमें से ज्यादातर की नसबंदी हो चुकी थी।''

इसमें कहा गया है कि हवाई अड्डा क्षेत्र जहां से पहले कभी कुत्तों को नहीं उठाया गया था, वहां तीन दलों ने कार्रवाई की थी।

पीएफए ​​की न्यासी अंबिका शुक्ला ने कहा कि मित्रवत रहने वाले, और नसबंदी किए गए कुत्तों को हटाने की कोई जरूरत नहीं है और अगर आप ऐसा करने जा रहे हैं तो ठीक से करें।

Published : 
  • 3 September 2023, 7:22 PM IST

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