
नई दिल्ली: सरकार के नये कृषि कानूनों के खिलाफ देश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच कॉरपोरेट खेती को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज का एक बड़ा बयान सामने आया है। रिलायंस का यह बयान ठीक ऐसे समय सामने आया है, जब देश के कुछ किसानों का कहना है कि नए कृषि कानूनों से मुकेश अंबानी-गौतम अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को फायदा होगा और कॉरपोरेट खेती के नाम पर किसानों की जमीनें इन उद्योगपतियों द्वारा हड़प ली जाएंगी।
देश के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने ताजा बयान में कहा है कि उसका पंजाब-हरियाणा या देश में कहीं भी खेती की जमीन खरीदने का कोई इरादा नहीं है। कंपनी ने इसके साथ ही यह भी साफ किया कि नये कृषि कानूनों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी और उसके कारोबार के इन कानूनों से न जोड़ा जाए और इससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ह बात रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में कहा है कि तीनों कृषि कानूनों से उसका कोई लेना-देना नहीं है इससे किसी भी तरह से उसका कोई फायदा नहीं है।
कंपनी ने यह भी कहा है कि रिलायंस रिटेल, जियो इन्फोकॉम या इनसे जुड़ी कोई भी कंपनी ने कभी भी 'कॉरपोरेट' या 'कॉन्ट्रैक्ट' खेती नहीं की है और निकट भविष्य में भी उसका ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है।
Published : 4 January 2021, 3:26 PM IST
Topics : Farmers Protest Reliance Industries कृषि कानून कॉरपोरेट खेती पंजाब हरियाणा रिलायंस इंडस्ट्रीज हाईकोर्ट