
फर्रुखाबाद: हाथरस हादसे के लिए जिम्मेदार स्वयंभू नारायण साकार उर्फ भोले बाबा को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। साधु का छद्म रूप में धारण करने वाले स्वयंभू भोले बाबा कई अनोखे नाम, काम और रूप सामने आ रहे हैं। डाइनामाइट न्यूज़ इस मामले में एक औऱ बड़ा खुलासा करने जा रहा है।
नारायण साकार उर्फ भोले बाबा का एक नाम पटियाली बाबा भी है। इसके आश्रम केवल हाथरस में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों और क्षेत्रों में फैला हुआ है।
कासगंज, हाथरस और अन्य जिलों के अलावा भोले बाबा का फर्रुखाबाद कनेक्शन भी सामने आया है। इसका आश्रण फर्रुखाबाद शहर से के समीप अजमतपुर में भी है। ये आश्रम किसी लग्जरी होटल से कम नहीं है, जो 2021 के कोविड काल में बना। कोरोना में यहां 50 लोगों की अनुमति मिली थी लेकिन 50 हजार लोग आ पहुंचे और पुलिस को कार्यक्रम रुकवाना पड़ा। पुलिस ने तब बाबा को जिला बदर कर दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अफसोस की बात ये कि भोले बाबा के अनुयायी अब भी उनको भगवान की संज्ञा दे रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि बाबा कहीं फरार नहीं हुए। वे भगवान का रूप हैं।
हाथरस जिला प्रशासन ने भी यदि फर्रुखाबाद में 2021 में बाबा के खिलाफ की गई कार्रवाई जैसे कदम उठाये होते तो हाथरस हादसा नहीं होता।
Published : 6 July 2024, 4:58 PM IST
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