नवरात्रि में किन्नर समाज ने की मां बहुचरा की पूजा, यज्ञ से मांगी देश की खुशहाली

नवरात्रि पर किन्नर समाज ने कुलदेवी मां बहुचरा की पूजा-अर्चना और यज्ञ कर राष्ट्रहित, जनकल्याण तथा सभी की सुख-समृद्धि की कामना की...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 October 2026, 8:02 PM IST

New Delhi: नवरात्रि के पावन पर्व पर किन्नर समाज ने अपनी कुलदेवी मां बहुचरा की विशेष पूजा-अर्चना कर राष्ट्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधि-विधान से यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें देश की खुशहाली, नगरवासियों के कल्याण और सभी लोगों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का संदेश दिया।

मां बहुचरा को माना जाता है समाज की कुलदेवी

महामंडलेश्वर मुस्कान दीदी ने बताया कि मां बहुचरा किन्नर समाज की कुलदेवी हैं। उन्हें ‘मुर्गे वाली माता’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की सवारी मुर्गा है और उनकी पूजा नौ वर्ष की बालिका के स्वरूप में भी की जाती है। उन्होंने बताया कि किन्नर समाज के लिए मां बहुचरा की आराधना का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। नवरात्रि के दौरान समाज के लोग पूरे श्रद्धाभाव से माता की पूजा करते हैं और परिवार, समाज तथा देश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

व्रत, आरती और मंत्रोच्चार से होती है आराधना

महामंडलेश्वर मुस्कान दीदी के अनुसार, नवरात्रि के दौरान समाज के कई लोग उपवास रखते हैं। व्रत के दौरान अन्न का त्याग कर फलाहार और व्रत में ग्रहण किए जाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है। प्रतिदिन सुबह माता की आरती, मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के माध्यम से देवी की आराधना की जाती है। इसके साथ ही गरबा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए भी माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। नवरात्रि का यह पर्व समाज के लोगों को आध्यात्मिक आस्था से जोड़ने के साथ ही सामूहिक पूजा और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन का अवसर प्रदान करता है।

यज्ञ में की गई सभी के कल्याण की कामना

महंत पार्वती ने बताया कि यज्ञ का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं, बल्कि समस्त समाज और देश की खुशहाली की प्रार्थना करना भी है। यज्ञ के माध्यम से नगरवासियों, सभी भाई-बहनों और देशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की गई। उन्होंने कहा कि समाज चाहता है कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना मजबूत हो और सभी लोग मिल-जुलकर प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे के साथ रहें। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के संकल्प के साथ आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में जनकल्याण और राष्ट्रहित की भावना प्रमुख रही। नवरात्रि के अवसर पर मां बहुचरा की आराधना और यज्ञ के माध्यम से किन्नर समाज ने सामाजिक सद्भाव, आपसी एकता और सभी के कल्याण का संदेश दिया।

Location :  New Delhi

Published :  18 October 2026, 8:02 PM IST