
7 जुलाई से शुरू होगा ग्रहों का उतार-चढ़ाव (Img : Google)
New Delhi : बुध ग्रह 7 जुलाई को वक्री अवस्था में अपनी ही राशि मिथुन में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि में बुध 5 अगस्त तक रहेंगे और इसके बाद कर्क राशि में गोचर करेंगे। यानी लगभग एक महीने तक बुध मिथुन राशि में वक्री चाल से प्रभाव डालेंगे।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध की यह स्थिति सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालेगी। कहीं यह समय नए अवसर लेकर आएगा तो कहीं भ्रम, देरी और गलतफहमियों की स्थिति भी बन सकती है। खासकर व्यापार, संवाद, यात्रा और निर्णय क्षमता पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।
मेष राशि के तीसरे भाव में बुध का यह गोचर हो रहा है। इस समय गलतफहमियों के कारण विवाद बढ़ सकते हैं। भाई-बहनों या करीबी लोगों से तनाव की स्थिति बन सकती है। यात्रा में नुकसान की संभावना है, इसलिए फिलहाल यात्रा टालना बेहतर रहेगा। जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं।
उपाय: बुधवार को हरी चूड़ियां दान करें।
वृषभ राशि के दूसरे भाव में बुध का प्रभाव आर्थिक स्थिति और परिवार पर पड़ेगा। खर्च बढ़ सकते हैं और घर में हल्की अशांति देखने को मिल सकती है। निवेश सोच-समझकर करें क्योंकि गलत निर्णय नुकसान दे सकते हैं।
उपाय:बुध यंत्र स्थापित करें।
बुध आपकी ही राशि में वक्री हैं। जिससे आत्मविश्वास और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। लोगों पर भरोसा करने से पहले सोचें। फिजूलखर्ची बढ़ सकती है। इसलिए बजट पर नियंत्रण जरूरी है।
उपाय: हरे वस्त्र दान करें।
कर्क राशि के बारहवें भाव में यह गोचर मानसिक तनाव और खर्च बढ़ाने वाला हो सकता है। अनावश्यक खर्च और यात्रा में परेशानी हो सकती है। दस्तावेजों से जुड़े मामलों में सावधानी रखें।
उपाय: अपनी मां को उपहार दें।
सिंह राशि के लाभ भाव में बुध का गोचर आय में बढ़ोतरी का संकेत दे रहा है। हालांकि कामों में देरी और गलतफहमी बनी रह सकती है। धैर्य रखना जरूरी होगा।
उपाय: गणेश चालीसा का पाठ करें।
दसवें भाव में यह गोचर करियर और कार्यक्षेत्र को प्रभावित करेगा। मेहनत बढ़ेगी और सफलता में देरी हो सकती है, लेकिन अंत में अच्छे परिणाम मिलेंगे।
उपाय: गाय को पालक खिलाएं।
नौवें भाव में गोचर से भाग्य का साथ मिलेगा, लेकिन यात्रा में रुकावटें आ सकती हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
आठवें भाव में यह गोचर अचानक घटनाएं और धन लाभ ला सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी है, नहीं तो संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।
उपाय: “ॐ” का जप करें।
सातवें भाव में गोचर साझेदारी और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है। मतभेद से बचें और संवाद में सावधानी रखें।
उपाय: गाय को हरी सब्जी खिलाएं।
छठे भाव में बुध का प्रभाव स्वास्थ्य और विरोधियों से जुड़ी चुनौतियां दे सकता है। लेकिन कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा।
उपाय: कन्याओं का पूजन करें।
पंचम भाव में यह गोचर प्रेम जीवन और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। निवेश में सावधानी जरूरी है।
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।
चौथे भाव में गोचर से घर-परिवार और माता के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। संपत्ति से लाभ के योग भी बन सकते हैं।
उपाय: बुध यंत्र स्थापित करें और गणेश जी की पूजा करें।
Location : New Delhi
Published : 3 July 2026, 5:45 PM IST