भिवाड़ी पुलिस ने दिल्ली निवासी सौरभ कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने फर्जी आईपीएस कार्ड और पुलिस गाड़ी से लोगों पर रौब जमाया। आरोपी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और आईपीएस सुविधाओं की जानकारी का गलत फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा करता रहा।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
Bhiwadi: राजस्थान के भिवाड़ी में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताने वाले एक फर्जी व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी आईजी रैंक का अधिकारी बनकर लोगों पर रौब झाड़ता और विशेष सुविधाएं हासिल करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की पहचान सौरभ कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बागपत का निवासी है और फिलहाल दिल्ली में रह रहा था।
फर्जी आईडी और पुलिस गाड़ी से धाक जमाई
भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि रविवार रात युवक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर थाने पहुंचा। गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था। गेट पर तैनात संतरी से उसने खुद को एसपीजी में आईजी रैंक पर तैनात आईपीएस अधिकारी बताया और विशेष मिशन का हवाला देकर वीआईपी कमरे की मांग करने लगा। पुलिस को युवक की हरकतों पर शक हुआ और उसे केबिन में बैठाकर पूछताछ शुरू की।
जांच में पता चला कि इस नाम का कोई आईपीएस अधिकारी वास्तव में नहीं है। जब सौरभ से आईडी कार्ड मांगा गया तो उसने फर्जी कार्ड दिखाया जो पूरी तरह नकली निकला। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि आरोपी को आईपीएस अधिकारियों की सुविधाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल और विशेषाधिकारों की अच्छी जानकारी थी।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बनाया फर्जी आईडी
पुलिस पूछताछ में सौरभ ने स्वीकार किया कि वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और आईपीएस अधिकारियों की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी का गलत फायदा उठाकर फर्जी कार्ड बनवाया। उसने स्कॉर्पियो गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखवाकर अलग-अलग इलाकों में खुद को बड़ा अधिकारी दिखाया और लोगों पर रौब जमाता रहा।
पुलिस की सतर्कता से खुला फर्जीवाड़ा
एसएचओ सचिन शर्मा ने बताया कि भिवाड़ी पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ की वजह से यह बड़ा फर्जीवाड़ा समय रहते उजागर हो गया। पुलिस को युवक पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसके दस्तावेजों की गहन जांच की गई और उच्च अधिकारियों से जानकारी जुटाने के बाद पूरा मामला सामने आया। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सतर्कता और जांच की अहमियत
भिवाड़ी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति के झूठे दावे पर भरोसा न करें। विशेषकर पुलिस या सुरक्षा बलों के नाम पर किसी का रौब जमाने का प्रयास हो तो तुरंत स्थानीय थाने या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।