मौसम का बड़ा उलटफेर: उत्तर भारत में बढ़ी सिहरन, तो दक्षिण और पश्चिम भारत में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के बाद मैदानी राज्यों में हल्की ठंड शुरू हो गई है। वहीं, मौसम विभाग ने दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 October 2026, 7:59 AM IST

New Delhi: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जहां उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी से मैदानी इलाकों में सिहरन बढ़ने लगी है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पश्चिम भारत में अगले सात दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस दौरान कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की भी आशंका है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडक की दस्तक

जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। इसका सीधा असर अब मैदानी राज्यों में दिखने लगा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाएं ठंडी होने लगी हैं, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और हल्की ठंड का अहसास शुरू हो गया है।

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दक्षिण भारत में भारी बारिश का 7 दिवसीय अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले एक हफ्ते तक भारी बारिश का संकट बना रहेगा। तमिलनाडु, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई इलाकों में 23 अक्टूबर तक बारिश का यह दौर जारी रह सकता है।

आईएमडी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सात से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

राज्यों के हिसाब से बारिश का अनुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 18-19 और 21-23 अक्टूबर को भारी बारिश, जबकि 20 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना।

केरल और माहे: 18 से 23 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश का अनुमान।

तटीय व आंतरिक कर्नाटक: तटीय इलाकों में 20 से 22 अक्टूबर, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 से 23 अक्टूबर तक बारिश के आसार।

आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: 18 से 21 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का भी कहर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने केरल, माहे और लक्षद्वीप में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। वहीं, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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गोवा और महाराष्ट्र में आंधी-तूफान की आशंका

पश्चिम भारत में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं। गोवा, कोंकण और मराठवाड़ा में 19 अक्टूबर तक, तथा मध्य महाराष्ट्र में 20 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ आंधी चलने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, गोवा और कोंकण में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रह सकता है।

क्यों बदल रहा है मौसम?

उत्तर हरियाणा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पास चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है।

उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से और पूर्व-मध्य अरब सागर (कर्नाटक तट से कोमोरिन क्षेत्र तक) टर्फ लाइन फैली हुई है।

इन मिले-जुले मौसमी प्रभावों के कारण ही देश के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से सतर्क रहने और स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

Location :  New Delhi

Published :  18 October 2026, 7:59 AM IST