
माता वैष्णो देवी मंदिर
Jammu: माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच तेज हो गई है। पुलिस अब मामले में दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
जांच अधिकारी ने जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर बताया है कि मामले में विस्तृत जांच अभी बाकी है। इसके बाद अदालत ने जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।
यह मामला जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रहा है। शिकायतकर्ता दीपक शर्मा ने चढ़ावे की चांदी में कथित मिलावट, बदलाव, चोरी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 20 टन चांदी की अनुमानित कीमत लगभग 550 करोड़ रुपये है। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक श्राइन बोर्ड के अधिकारियों, पुजारियों, भवन क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ जवानों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्राइन बोर्ड सुरक्षा कर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
जांच में चढ़ावे को प्राप्त करने, अलग करने और स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी जुटाई गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भवन से चढ़ावे को कटड़ा तक कैसे पहुंचाया गया और उसके बाद उसकी निगरानी व रखरखाव की प्रक्रिया क्या रही।
पुलिस ने श्राइन बोर्ड से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है। फुटेज में दर्ज गतिविधियों का अधिकारियों के बयानों से मिलान किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, श्राइन बोर्ड ने 18 अगस्त को जांच एजेंसी को 116 पेज के दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। इनमें चांदी के रखरखाव, भंडारण, परिवहन और आगे की प्रक्रिया से जुड़े नियम, एसओपी, दिशा-निर्देश और रिकॉर्ड शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने सरकारी टकसाल से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की मात्रा काफी अधिक है, जिनकी जांच की जा रही है।
वहीं, जम्मू जिला प्रशासन ने मवेशियों के परिवहन को लेकर नया आदेश जारी किया है। जिला मजिस्ट्रेट राकेश मन्हास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जम्मू जिले से दूसरे जिलों में गाय, भैंस, बैल, सांड और बछड़ों जैसे मवेशियों के परिवहन पर रोक लगा दी है।
आदेश के अनुसार, अब मवेशियों को ले जाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक या वापस लिए जाने तक लागू रहेगा।
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Location : Jammu-Kashmir
Published : 23 September 2026, 12:46 PM IST
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