जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले कानपुर के शुभम द्विवेदी के घर वालों ने बताई घटना की पूरी कहानी। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी खबर

शोक में डूबा कानपुर के शुभम द्विवेदी का परिवार
कानपुर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी की गोली लगने से जान चले जाने की सूचना ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया है। शुभम द्विवेदी, जो महाराजपुर के हाथीपुर के निवासी थे, हाल ही में अपनी पत्नी एशान्या के साथ कश्मीर में हनीमून मनाने गए थे।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, हमले के वक्त शुभम और उनकी पत्नी घुड़सवारी कर रहे थे, जब आतंकियों ने उन्हें निशाना बना लिया। हमलावरों ने पहले शुभम का नाम पूछा और फिर सिर में सटाकर गोली मारी, जिसके बाद उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल शुभम के परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़ा धक्का है, जहां अब मातम का माहौल है।
शुभम के पिता, संजय द्विवेदी, जो कानपुर में सीमेंट का व्यापार करते हैं, के साथ-साथ शुभम के भाई सौरभ द्विवेदी ने कहा कि कोई नहीं जानता था कि यह शुभम के जीवन की अंतिम यात्रा होगी। उन्होंने भावुक होकर कहा, "जब मेरी भाभी ने फोन किया और कहा कि भैया को गोली मारी गई, तो हम सब पर स्तब्ध रह गए।"
इस आतंकी हमले में कुल 28 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और कई अन्य घायल बताये जा रहे हैं। सरकार द्वारा जारी की गई मृतकों की सूची में शुभम का नाम तीसरे स्थान पर है। घटना से संबंधित जानकारी के बाद, शुभम के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। लोगों का जमावड़ा उनके घर पर लगातार जारी है, जहां लोग सांत्वना देने के लिए एकत्रित हो रहे हैं।
इस हमले के बाद कानपुर के लोगों ने सभी राजनीतिक नेताओं और प्रशासन से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीतियाँ अपनाई जाएं, ताकि निर्दोष लोगों की जान इस तरह से नही जाए।
शुभम की पत्नी एशान्या द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, उन्होंने पहले कभी भी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था और अब वह पूरी तरह से टूट गई हैं। शुभम के परिवार की स्थिति अत्यंत दुखद है।