
भारत-पाक सीमा पर अब डिजिटल पहरा (प्रतीकात्मक)
Punjab: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए डिजिटल फेंसिंग लगाने का काम शुरू हो गया है। इस आधुनिक निगरानी व्यवस्था के जरिए सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें सेंसर, थर्मल कैमरे, लेजर तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
डिजिटल फेंसिंग में मजबूत लोहे की जालीदार बाड़ लगाई जाती है, जिसके ऊपरी हिस्से में कंटीले तार लगाए जाते हैं। पारंपरिक बाड़बंदी के साथ आधुनिक निगरानी तकनीकों को जोड़कर सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने की योजना है। इससे सीमा पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी।
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इस व्यवस्था में लगाए गए सेंसर जमीन पर होने वाली हलचल और बाड़ से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों का संकेत दे सकते हैं। इससे सुरक्षा बलों को संभावित घुसपैठ या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने में मदद मिलेगी। समय पर अलर्ट मिलने से निगरानी और प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।
डिजिटल फेंसिंग में थर्मल इमेजिंग और नाइट-विजन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये तकनीकें कम रोशनी में निगरानी करने में मदद करती हैं। सर्दियों में घने कोहरे और खराब मौसम के दौरान भी आधुनिक निगरानी उपकरण सीमा पर गतिविधियों का पता लगाने में सहायक हो सकते हैं।
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पंजाब से लगती भारत-पाकिस्तान सीमा पर हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही है। डिजिटल फेंसिंग का उद्देश्य ऐसी गतिविधियों पर नजर रखना और घुसपैठ की कोशिशों को रोकने में सुरक्षा बलों की मदद करना है। हालांकि, इस व्यवस्था की प्रभावशीलता इसके संचालन, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई पर भी निर्भर करेगी।
Location : Punjab
Published : 18 October 2026, 4:28 PM IST