नौसेना को मिला INS निपुण, गहरे समुद्र के अभियानों में जमेगी भारत की धाक, जानें क्या है खासियत

भारतीय नौसेना में डाइविंग सपोर्ट पोत आईएनएस निपुण शामिल हो गया है। यह निस्तार श्रेणी का दूसरा पोत है, जो गहरे समुद्र में गोताखोरी, पनडुब्बी बचाव अभियान और पानी के भीतर जटिल ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाएगा। जानिए INS निपुण की खासियतें और नौसेना के लिए इसकी रणनीतिक अहमियत।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 August 2026, 12:53 PM IST

New Delhi: भारतीय नौसेना की ताकत में एक और इजाफा हुआ है। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने सोमवार को मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में डाइविंग सपोर्ट पोत (DSV) आईएनएस निपुण को नौसेना में शामिल किया। इसके साथ ही भारतीय नौसेना की गहरे समुद्र में गोताखोरी और पानी के भीतर जटिल अभियानों को अंजाम देने की क्षमता और मजबूत हो गई है।

आईएनएस निपुण निस्तार श्रेणी का दूसरा डाइविंग सपोर्ट पोत है। इसका निर्माण विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। इस पोत को 30 जुलाई 2026 को नौसेना को सौंपा गया था।

डीप सी डाइविंग के लिए तैयार अत्याधुनिक पोत

आईएनएस निपुण को खासतौर पर गहरे समुद्र में गोताखोरी और पानी के भीतर होने वाले जटिल अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें अत्याधुनिक डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो इसे डीप सी सैचुरेशन डाइविंग ऑपरेशन करने में सक्षम बनाते हैं।

इस तकनीक की मदद से प्रशिक्षित गोताखोर समुद्र की अधिक गहराई में लंबे समय तक काम कर सकते हैं। पोत में विशेष डाइविंग स्टेज भी मौजूद है, जो समुद्र के भीतर अभियानों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाती है।

पनडुब्बी बचाव अभियान में निभाएगा अहम भूमिका

आईएनएस निपुण की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पनडुब्बी बचाव अभियानों में होगी। इसे डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) के मदर शिप के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

अगर किसी पनडुब्बी के साथ समुद्र में दुर्घटना होती है और उसमें नौसैनिक फंस जाते हैं, तो डीएसआरवी की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में यह पोत अहम भूमिका निभाएगा। इससे नौसेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता काफी मजबूत होगी।

पानी के भीतर निगरानी के लिए ROV से लैस

आईएनएस निपुण में रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) की सुविधा भी मौजूद है। ये पानी के भीतर निगरानी, समुद्री वस्तुओं की जांच और सैल्वेज ऑपरेशन में मदद करते हैं।

इसके अलावा पोत में आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, पोत प्रबंधन प्रणाली और समुद्र में अपनी स्थिति को सटीक बनाए रखने वाली तकनीकें लगाई गई हैं, जो गहरे समुद्र के अभियानों के दौरान बेहद जरूरी होती हैं।

मेडिकल सपोर्ट से लेकर अंडरवाटर ऑपरेशन तक सक्षम

आईएनएस निपुण केवल गोताखोरों को समुद्र तक पहुंचाने वाला पोत नहीं है, बल्कि यह एक अत्याधुनिक समुद्री प्लेटफॉर्म है।

इसमें गोताखोरी, पानी के भीतर हस्तक्षेप और चिकित्सा सहायता से जुड़ी विशेष सुविधाएं मौजूद हैं। इसकी मदद से नौसेना लंबे समय तक चलने वाले और चुनौतीपूर्ण समुद्री अभियानों को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकेगी।

75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से बना INS निपुण

आईएनएस निपुण भारत की आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन क्षमता का भी उदाहरण है। इसे पूरी तरह देश में डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें करीब 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

इस पोत के शामिल होने से भारत की गहरे समुद्र में बचाव, गोताखोरी और पानी के भीतर विशेष अभियानों की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही स्वदेशी युद्धपोत निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।

संस्कृत शब्द से लिया गया है ‘निपुण’ नाम

आईएनएस निपुण का नाम संस्कृत शब्द ‘निपुण’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है किसी विशेष कार्य में दक्ष और कुशल व्यक्ति। अपने नाम के अनुरूप यह पोत समुद्र की गहराइयों में बेहद कठिन और विशेष अभियानों को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया है।

Location :  New Delhi

Published :  31 August 2026, 12:53 PM IST