IPAC Raid Case: सुप्रीम कोर्ट से ममता को झटका, कहा-मामला गंभीर

ED की तरफ से दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC रेड केस में गुरुवार को सुनवाई की जिसमें ममता सरकार को राहत नहीं मिली। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए नोटिस जारी किया। ED ने सुप्रीम कोर्ट के सामने उन सभी पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी की मांग की जो मामले में लिप्त थे।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 15 January 2026, 1:30 PM IST

New Delhi:I-PAC रेड केस में ED की तरफ से दायर याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए ममता सरकार को राहत नहीं दी। शीर्ष अदालत ने इसे गंभीर बताते हुए नोटिस जारी करने का फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह इस बात से बहुत व्यथित हैं कि कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई नहीं करने दी गई।  अदालत ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक जांच एजेंसी और राज्य सरकार का विवाद नहीं, बल्कि संस्थागत टकराव का मामला बन गया है, जिसकी गहराई से समीक्षा जरूरी है।

ED ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि रेड के दौरान उनके फोन छीन लिए गए। खुद ममता बनर्जी सारे दस्तावेज उठा ले गईं। ED ने सुप्रीम कोर्ट के सामने उन सभी पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी की मांग की, जो ममता के साथ उस दिन मौजूद थे।

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ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के साथ डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार को पक्षकार बनाया और उन पर FIR दर्ज करने की मांग की।

ईडी की बड़ी मांग

प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा और दक्षिण कोलकाता के डीसीपी प्रियबत्रा रॉय के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। ईडी का आरोप है कि छापेमारी के दौरान जानबूझकर जांच में बाधा डाली गई, दस्तावेज हटाए गए और सबूतों से छेड़छाड़ की गई।

गौरतबल है कि 8 जनवरी को ED ने कोलकाता में राजनीतिक सलाहकार कंपनी I-PAC के ऑफिस और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई कथित करोड़ों रुपये के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में की गई थी।

ED का आरोप है कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां पहुंचीं और अहम दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हटाए।  हालांकि, ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ED पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इसके बाद ED ने मुख्यमंत्री के खिलाफ CBI जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसकी सुनवाई अब आगे बढ़ेगी।

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ED के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी ममता अपने साथ लेती गईं। ED का कहना है कि जब कोई सेंट्रल एजेंसी कानूनी तौर पर कार्रवाई कर रही हो, तो उसमें राज्य सरकार या मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप कानून के खिलाफ है।

 

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Published : 
  • 15 January 2026, 1:30 PM IST