Gold Price: सोने की चमक रहेगी बरकरार या पड़ेगी फीकी? 1 अप्रैल के बाद होगा सस्ता या महंगा?

सोने की कीमत बिजली की रफ्तार से 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है। अब यूनियन बजट 2026-27 से उम्मीद है कि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी और GST में कटौती कर राहत दे सकती है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 January 2026, 1:13 PM IST

New Delhi: भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा, सुरक्षा और निवेश का प्रतीक माना जाता है। लेकिन जब सोने के दाम 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छूने लगें, तो यह आम आदमी की पहुंच से बाहर होता नजर आता है। मौजूदा समय में सोना और चांदी दोनों ही ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं। ऐसे में आगामी यूनियन बजट 2026-27 से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं कि सरकार कीमतों को लेकर कोई राहत भरा कदम उठाएगी।

आखिर क्यों लगी सोने-चांदी के दाम में आग?

विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,000 डॉलर और चांदी करीब 100 डॉलर के स्तर के आसपास पहुंच चुकी है। इसकी प्रमुख वजहें वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की कमजोरी और सप्लाई चेन में रुकावट हैं। इसके अलावा ‘ग्रीनलैंड से जुड़े विवाद’ ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इन सभी कारणों का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा है और कीमतें लगातार ऊपर चढ़ रही हैं।

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श्रृंगार हाउस ऑफ मंगलसूत्र की मांगः- तर्कसंगत आयात शुल्क

महंगाई के इस दौर में बढ़ते सोने के दामों ने आम परिवारों की खरीदने की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है। ‘श्रृंगार हाउस ऑफ मंगलसूत्र लिमिटेड’ के एमडी चेतन थडेश्वर का कहना है कि बजट 2026 में सरकार को घरेलू खपत बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उनकी मांग है कि सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जाए। अगर टैक्स का बोझ घटता है, तो मांग बढ़ेगी और रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपोर्ट सेक्टर को भी फायदा मिलेगा।

SGB स्कीम के लौटने की आशंका

सोना सिर्फ जेवर नहीं, बल्कि निवेश का भी अहम जरिया है। एक्सपर्ट्स सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के डायरेक्टर जशन अरोड़ा के अनुसार, बार-बार टैक्स बदलाव से निवेशकों को झटका लगता है। SGB स्कीम में 2.5% ब्याज और टैक्स छूट मिलती थी, लेकिन 2024 में इसे बंद कर दिया गया था। अब इसके फिर से शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।

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GST घटा तो जेवर होंगे सस्ते?

फिलहाल ज्वेलरी पर 3% GST लगता है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने इसे घटाकर 1.25% या 1.5% करने की मांग की है। अगर सरकार यह कदम उठाती है, तो ज्वेलरी सस्ती होगी, खरीदारी बढ़ेगी और छोटे ज्वैलर्स को भी बड़ी राहत मिलेगी। अब देखना यह है कि बजट 2026 सोने की कीमतों पर कितनी चमक बिखेरता है और

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 29 January 2026, 1:13 PM IST