Cyclone Arnab: क्या है चक्रवात अर्नब? बंगाल की खाड़ी में कई दिन भटकता रहा, फिर 24 घंटे में कैसे बन गया खतरनाक?

चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल के बाद कमजोर पड़ा। जानिए अर्नब तूफान कब और कैसे बना, कितना नुकसान हुआ, कितनी मौतें हुईं, मुआवजा क्या मिलेगा और आज का IMD अलर्ट क्या है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 October 2026, 3:04 PM IST

New Delhi: आंध्र प्रदेश के तट पर तबाही मचाने के बाद चक्रवात अर्नब 29 अक्टूबर 2026 को कमजोर पड़ गया है, पर इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवसाद में बदल चुका है। आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत हुई है, बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हुई हैं और बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

क्या है चक्रवात अर्नब?

अर्नब 2026 के उत्तर हिंद महासागर चक्रवात सीजन का पहला चक्रवात है और इस सीजन का आठवां अवसाद भी। इसका उच्चारण "ऑर्नब" है। संस्कृत में "अर्णव" का अर्थ समुद्र होता है।

कब और कैसे बना अर्नब तूफान?

यह 24 अक्टूबर 2026 को पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के रूप में शुरू हुआ और कई दिन तक एक ही इलाके में भटकता रहा। इसके बाद यह चक्रवाती तूफान बना और अगले 24 घंटों में "अति गंभीर चक्रवाती तूफान" में बदल गया। IMD के मुताबिक इसकी अधिकतम हवा की रफ्तार 155 किमी/घंटा रही, जबकि अमेरिकी एजेंसी JTWC ने इसे 220 किमी/घंटा तक आंका, जो श्रेणी-4 के बराबर है।

सामान्य तौर पर ऐसे तूफान गर्म समुद्री पानी से ऊर्जा लेते हैं, इसीलिए अक्टूबर-नवंबर में बंगाल की खाड़ी चक्रवातों के लिए अनुकूल रहती है।

चक्रवाती तूफान अर्नब का असर (Img: AI Generated)

आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल और तबाही

अर्नब बुधवार (28 अक्टूबर) की तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। IMD ने बताया था कि तूफान तट के पास लगभग स्थिर था और लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी थी। एक जगह टिके रहने से तेज हवा और बारिश लंबे समय तक चली, जिससे नुकसान बढ़ा।

  • मौतें: राज्य में पाँच लोगों की मौत हुई। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या छह बताई गई है।
  • बिजली: करीब 15,000 बिजली के खंभे उखड़ गए। विशाखापत्तनम में लगभग 80 प्रतिशत बिजली बहाल हो चुकी है, जबकि कोनसीमा, काकीनाडा और गोदावरी जिलों में मरम्मत जारी है।
  • फसलें: शुरुआती अनुमान के अनुसार 70 हजार हेक्टेयर से ज्यादा धान और 10 ज्यादा हेक्टेयर से ज्यादा बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा। अंतिम आंकड़ा सर्वे के बाद ही साफ होगा।
  • राहत शिविर: 28 हजार से ज्यादा लोगों को शिविरों में पहुंचाया गया और NDRF व SDRF की टीमें तैनात रहीं।

ओडिशा और दूसरे राज्यों पर असर

तूफान से पहले ओडिशा में करीब 1 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। गंजाम में जन्मे एक नवजात का नाम भी "अर्नब" रखा गया। कोलकाता से जुड़ी इंडिगो की पांच उड़ानें रद्द हुईं और तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नुकसान की खबरें आईं।

कैसे है ताजा हालात?

सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के पास था। शाम तक इसके उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर कम दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की उम्मीद है और दिल्ली-NCR में 29 और 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं ओलावृष्टि की चेतावनी है। पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

कितना मिलेगा मुआवजा और राहत

आंध्र प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये, पशु की मौत पर 50,000 रुपये और धान, गन्ना, कपास व मूंगफली जैसी फसलों के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर देने की घोषणा की है। अन्य अधिसूचित फसलों के लिए 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। जिन परिवारों के घर में पानी भरा, उन्हें 25 किलो चावल और मछुआरों व बुनकर परिवारों को 50 किलो चावल मिलेगा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार मुआवजे से जुड़ा सरकारी आदेश जारी हो चुका है।

आगे क्या सावधानी रखें?

प्रशासन की चेतावनी मानें, गिरे बिजली के तारों से दूर रहें, बाढ़ के पानी में न चलें और पानी उबालकर पिएं। मछुआरे समुद्र में न जाएं। राहत के दावे के लिए नुकसान की फोटो रखें और तहसील या कृषि विभाग को तुरंत सूचना दें।

FAQ

1. चक्रवात अर्नब कब और कहां टकराया?
यह 28 अक्टूबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराया।

2. चक्रवात अर्नब से कितनी मौतें हुईं?
आंध्र प्रदेश में पाँच मौतों की पुष्टि हुई है। कुछ रिपोर्टों में छह बताई गई हैं, इसलिए आंकड़ा बदल सकता है।

3. क्या अर्नब अब भी खतरनाक है?
नहीं। यह अवसाद में बदल चुका है, पर इसके असर से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।

4. आंध्र प्रदेश में कितना मुआवज़ा मिलेगा?
मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये, पशु की मौत पर 50,000 रुपये और फसल के नुकसान पर 15,000 रुपये से 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।

5. अर्नब का मतलब क्या है?
संस्कृत में "अर्णव" का अर्थ समुद्र है।

6. ताज़ा चेतावनी कहां देखें?
IMD की वेबसाइट (mausam.imd.gov.in), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और भरोसेमंद स्रोतों पर।

Location :  New Delhi

Published :  29 October 2026, 3:04 PM IST