वीआईपी मूवमेंट के दौरान बिना डायवर्जन प्लान दिल्ली पुलिस की लापरवाही, सुबह के वक्त दिल्ली-NCR में भीषण जाम, लाखों लोग परेशान, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा।

दिल्ली में ट्रैफिक जाम
New Delhi: सुबह-सुबह घर से निकले लोग जब घंटों जाम में फंसे तो गुस्सा सिर्फ ट्रैफिक पर नहीं बल्कि सिस्टम पर भी फूट पड़ा। दिल्ली में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर एक बार फिर आम जनता को सजा मिली है। भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दिल्ली आगमन पर नेताओं का जमावड़ा तो दिखा, लेकिन इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की लापरवाही भी खुलकर सामने आ गई। बिना किसी पूर्व सूचना और ठोस डायवर्जन प्लान के जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई, जिससे पूरी दिल्ली और NCR की रफ्तार थम गई।
वीआईपी मूवमेंट, लेकिन बिना प्लानिंग
दिल्ली के भाजपा कार्यालय में देश के दिग्गज मंत्री और बड़े नेता जुटे हुए थे। सुरक्षा के नाम पर पुलिस ने अचानक कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि न तो पहले से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई और न ही वैकल्पिक रास्तों की कोई ठोस व्यवस्था दिखी। नतीजा ये हुआ कि सुबह ऑफिस, स्कूल और अस्पताल जाने वाले लोग सड़कों पर फंसे रह गए।
सुबह की भागदौड़ बनी घंटों की परेशानी
नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम से दिल्ली आने वाले लाखों लोग जाम की चपेट में आ गए। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए तो कहीं पूरी तरह जाम लग गया। लोग सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर अपना गुस्सा जाहिर करते दिखे। किसी की मीटिंग छूट गई, तो कोई बच्चे को स्कूल समय पर नहीं पहुंचा सका।
जनता का सवाल- क्या यही व्यवस्था है?
जाम में फंसे लोगों का साफ कहना है कि अगर वीआईपी कार्यक्रम पहले से तय था, तो ट्रैफिक मैनेजमेंट क्यों नहीं किया गया। सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या हर बार नेताओं के आने पर आम जनता को इसी तरह परेशान होना पड़ेगा। लोगों का आरोप है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का सिस्टम एक बार फिर फेल साबित हुआ है।
पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बार-बार ऐसे हालात बनने के बावजूद सुधार क्यों नहीं हो रहा, यह बड़ा मुद्दा बन गया है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी हैं।