AI, नशा और नई पीढ़ी के संस्कार… RSS प्रमुख मोहन भागवत के भाषण में क्या रहा खास?

RSS के शताब्दी वर्ष पर नागपुर में विजयादशमी उत्सव के दौरान मोहन भागवत ने स्वदेशी, सामाजिक एकता, AI, नशे और नई पीढ़ी के संस्कारों पर जोर दिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 October 2026, 10:44 AM IST

नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर नागपुर में विजयादशमी उत्सव और शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक एकता, स्वदेशी, भारतीय संस्कृति, नई पीढ़ी के संस्कार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उनके संबोधन में संत रविदास और बंगाल के समाज सुधारक राज नारायण बसु के योगदान का भी उल्लेख रहा।

RSS के 100 साल और भारतीय पहचान पर जोर

मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से भारत को उसकी पहचान, संस्कृति और परंपराओं के आधार पर संगठित और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और भारतीय समाज में अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान जिन पांच प्रमुख बदलावों पर ध्यान दिया जा रहा है, उनमें अपनी पहचान का बोध और स्वदेशी को अपनाना भी शामिल है। इस संदर्भ में उन्होंने भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सामाजिक जीवन से जोड़ने की बात कही।

राज नारायण बसु और हिंदू मेले का किया जिक्र

विजयादशमी समारोह में संघ प्रमुख ने बंगाल के विचारक और समाज सुधारक राज नारायण बसु का उल्लेख किया। उन्होंने स्वदेशी मेलों के माध्यम से लोगों को अपनी संस्कृति और पहचान के प्रति जागरूक करने के उनके प्रयासों को याद किया।

भागवत के संबोधन में हिंदू मेले की शुरुआत का भी जिक्र आया। उन्होंने भारतीय समाज में सांस्कृतिक चेतना और अपनी परंपराओं के प्रति जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया।

संत रविदास के संदेश को किया याद

मोहन भागवत ने संत रविदास के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणों और अत्याचारों के दौर में संत रविदास ने स्वधर्म के प्रति निष्ठा, सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से लोगों का मनोबल बढ़ाने तथा समाज को सांत्वना देने का काम किया। उनके अनुसार, संत रविदास की शिक्षाएं सामाजिक सद्भाव और आपसी एकता के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

AI, नशे की समस्या और नई पीढ़ी के संस्कारों पर चर्चा

अपने संबोधन में संघ प्रमुख ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नशे की समस्या और नई पीढ़ी को संस्कार देने जैसे विषयों पर भी बात की। उन्होंने सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा सामाजिक जीवन में जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को महत्व देने की जरूरत पर जोर दिया।

कार्यक्रम में फ्रांस में हुए विरोध प्रदर्शनों का भी संदर्भ आया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस मुद्दे पर भागवत की विस्तृत टिप्पणी स्पष्ट नहीं है।

RSS के शताब्दी वर्ष के इस आयोजन में भारतीय संस्कृति, स्वदेशी, सामाजिक समरसता और नई पीढ़ी के मूल्यों से जुड़े विषय प्रमुखता से सामने आए। भागवत के संबोधन का केंद्रीय संदेश भारतीय पहचान और परंपराओं के साथ समाज को संगठित करने पर केंद्रित रहा।

Location :  Nagpur

Published :  20 October 2026, 10:44 AM IST