सांबा में पाकिस्तानी घुसपैठिए के मारे जाने और कठुआ में ड्रोन दिखने के बाद जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। ड्रोन गतिविधियों ने एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है।

Republic Day से एक रात पहले जम्मू बॉर्डर पर घुसा पाकिस्तानी ड्रोन
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में रविवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को बीएसएफ ने मार गिराया। सेना के सूत्रों के मुताबिक लाइन ऑफ कंट्रोल के पास संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी, जिसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
कठुआ में ड्रोन दिखने से बढ़ी चिंता
इसी बीच कठुआ जिले में भी LoC के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन नजर आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सेना के सूत्रों के अनुसार, यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान देखा गया। इसके तुरंत बाद एंटी ड्रोन सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कठुआ सेक्टर में ड्रोन गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं।
15 दिनों में 6 बार दिखे ड्रोन
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक बीते 15 दिनों में बॉर्डर एरिया में कम से कम छह बार ड्रोन देखे जा चुके हैं। 20 जनवरी को कठुआ, 17 जनवरी की शाम रामगढ़ सेक्टर, 15 जनवरी को फिर रामगढ़, 13 जनवरी को राजौरी में दो बार और 11 जनवरी को एक साथ कई सेक्टरों में ड्रोन नजर आए थे। हर बार सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर लौट गए।
11 जनवरी की बड़ी घटना
11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में एक साथ पांच ड्रोन दिखने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, राजौरी के नौशेरा सेक्टर में जवानों ने ड्रोन को देखते ही मशीन गन से फायरिंग की थी। पुंछ के मंकोट और सांबा के रामगढ़ सेक्टर में भी ड्रोन जैसी गतिविधि कुछ मिनट तक देखी गई थी।
“मुझे तोप का लाइसेंस चाहिए”…आखिर यति नरसिंहानंद ने क्यों बोली इतनी बड़ी बात? प्रशासन की बढ़ी चिंता
ड्रोन से हथियार गिराने का शक
इससे पहले 9 जनवरी को सांबा के घगवाल इलाके में इंटरनेशनल बॉर्डर के पास हथियारों की खेप बरामद की गई थी, जिसे ड्रोन के जरिए गिराए जाने का शक है। इसमें पिस्तौल, मैगजीन, गोलियां और ग्रेनेड शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिश कर रहा है।
गणतंत्र दिवस से पहले अलर्ट
गणतंत्र दिवस को देखते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहले ही कह चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और घुसपैठ या आतंकी हमले की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।