पीएम मोदी पर तंज या विपक्ष पर निशाना? रहमान कासमी के वीडियो पर किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया

रहमान इस्लाम कासमी ने वीडियो में पीएम मोदी, कांग्रेस और तानाशाही पर टिप्पणी की। किरेन रिजिजू ने वीडियो शेयर कर विपक्ष पर निशाना साधा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 October 2026, 11:08 AM IST

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस को लेकर इस्लामिक स्कॉलर रहमान इस्लाम कासमी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस वीडियो में कासमी ने तानाशाही की अवधारणा पर टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी पर व्यंग्य किया और कांग्रेस और विपक्षी दलों का जिक्र किया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी यह वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया और इसके जरिए विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

'तानाशाही सीखनी चाहिए कांग्रेस से'

रहमान इस्लाम कासमी ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें तानाशाही कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल से सीखनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में विरोध प्रदर्शनों को पर्याप्त अवसर दिया गया, इसलिए उनके मुताबिक इसे तानाशाही कहना उचित नहीं है।

कासमी ने किसान आंदोलन और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) तथा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में हुए प्रदर्शनों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को लंबे समय तक विरोध करने का अवसर मिला। उनके तर्क के अनुसार, विरोध की ऐसी गुंजाइश लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता से जुड़ी है।

किरेन रिजिजू ने वीडियो शेयर कर विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रहमान इस्लाम कासमी का वीडियो शेयर करते हुए विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लोकतंत्र और संविधान के प्रति विपक्ष के रुख पर सवाल उठाया। रिजिजू की पोस्ट का आशय यह था कि लोकतंत्र और संविधान की बात करने वाले राजनीतिक समूहों को अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए।

इस तरह वीडियो के जरिए सरकार के समर्थकों और विपक्ष के बीच लोकतंत्र, विरोध की स्वतंत्रता तथा राजनीतिक दलों के आंतरिक कामकाज को लेकर बहस सामने आई है।

राहुल गांधी और कांग्रेस के नेतृत्व पर भी टिप्पणी

रहमान इस्लाम कासमी ने अपने वीडियो में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी में राहुल गांधी के अलावा भी कई ऐसे नेता हैं, जो उनके विचार में बेहतर तरीके से पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेतृत्व को चुनौती देने की गुंजाइश नहीं है और ऐसा करने वाले नेताओं को पार्टी से बाहर किया जा सकता है।

कासमी की यह टिप्पणी कांग्रेस के आंतरिक नेतृत्व और संगठनात्मक लोकतंत्र को लेकर उनके व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन के रूप में देखी जा सकती है। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

वीडियो में कासमी ने यह भी कहा कि किसी देश का माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को खुली छूट नहीं दी जा सकती। उनके बयान और किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस में लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक दलों के कामकाज जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।

Location :  New Delhi

Published :  20 October 2026, 11:07 AM IST